ललितपुर। थाना मदनपुर अंतर्गत ग्राम सौल्दा वन क्षेत्र से सागौन व खैर की लकड़ी चोरी कर ले जाने के मामले में अपर जिला और सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) अजयपाल सिंह की अदालत ने एक व्यक्ति को पांच वर्ष का कारावास व दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मड़ावरा रेंज के वन दरोगा ऊदल सिंह ने 22 जून 2016 को थाना मदनपुर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वन रक्षक प्रेम सिंह गिरार वीट, ग्याप्रसाद माली, परशुराम व्यास, अर्जुन सिंह के साथ सरकारी जीप से भ्रमण करते हुए ग्राम उल्दना पहुंचे। तभी मुखबिर ने बताया कि कुछ लोग सौल्दा आरक्षित वन क्षेत्र में चोरी से लकड़ी काटकर ट्रैक्टर ट्राली में लादकर ले जा रहे हैं। इस पर हम लोग ट्राली का इंतजार करने लगे। तभी थाने के उप निरीक्षक अशोक कुमार सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर आ गए। थोड़ी देर में लाल रंग का ट्रैक्टर-ट्राली आती दिखाई दी। इसमें लकड़ी लदी हुई थी। इस पर ट्रैक्टर चालक टीम को देखकर भागने लगा। तेजी से पीछा कर हम लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली रोक ली। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार पांचों व्यक्ति कूद कर भाग गये। ट्रैक्टर चालक ने अपना नाम राकेश पुत्र जालिम यादव निवासी ग्राम ठनगना बताया। ट्रैक्टर-ट्राली में लदी लकड़ी के बारे में पूछने पर बताया कि उसके पास कोई प्रपत्र नहीं है। हमारे साथी जंगल की लकड़ी को काटकर बेचने जा रहे थे। ट्राली में सागौन, धौ, खैर की लकड़ी लदी थी। पूछताछ में उसने अपने साथियों के नाम टीकाराम, दयाराम, ब्रजेंद्र, नंदराम व प्रेम के नाम बताए। जिस पर सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामला की विवेचना के दौरान नंदराम व प्रेम का नाम बाहर निकल गया। तब से मामला विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अपर जिला और सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) की अदालत ने सुनवाई करते हुए तीन को बरी कर दिया और एक आरोपी को दोषी पाया। जिसे पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई और दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने बताया कि इस मामले में आरोपी जमानत पर था। जिस पर कई मारपीट के मामले विचाराधीन चल रहे हैं।