ललितपुर। सुपर मार्केट में स्वतंत्रता सेनानी ब्रजनंदन शर्मा की बीसवीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने जेल में रहकर अंग्रेजों की कई प्रकार की यातनाएं झेलीं। उनका पूरा जीवन त्याग एवं देशभक्ति से ओतप्रोत रहा है।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दुर्गाप्रसाद कुशवाहा ने कहा कि ब्रजनंदन शर्मा ने स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान दिया। समाजवादी विचारक राजेंद्र रजक ने कहा कि ब्रजनंदन शर्मा ने चौदह साल की उम्र में स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेना आरंभ कर दिया था। अंग्रेज सरकार की क्रूर यातनाओं से भी वह पीछे नहीं हटे। वर्ष 1930 से लेकर 1942 के दौरान उन्हें छह बार जेल जाना पड़ा। उन्होंने ललितपुर, झांसी, आगरा, लखनऊ, इलाहाबाद की जेलों में साढ़े छह साल बिताए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत ने कहा कि ब्रजनंदन शर्मा ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रहते हुए सच्चाई के रास्ते पर चले और नगर के विकास को नया आयाम दिया। इस दौरान अरविंद सिंघई नेता, बहादुर सिंह, अक्षय दिवाकर, राकेश गदयाना, पुनीत देवलिया, अंकित यादव, विवेक व्यास, ध्रुव किलेदार, संजय जाटव, रोहित कुशवाहा, रामनरेश दुबे, ऊदल पटेल, नीलेश पटेल प्यासा, राममूर्ति तिवारी, असलम खान, प्रेम नामदेव, रमेश सेन, शिवांश तिवारी, मोहित तिवारी, अनुभव तिवारी, पीयूष चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।