अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कड़ाके की सर्दी में पान की खेती प्रभावित हो रही है। खेतों में बनाए गए बरेजों पर फैले पान के पत्ते काले पड़ने के साथ टूटकर गिर रहे हैं, इससे किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि यही हाल रहा तो पान की खेती में फिर नुकसान हो जाएगा।
पाली क्षेत्र में करीब 500 परिवार पान की खेती करते हैं। उनकी आय का यही मुख्य स्रोत है, लेकिन कुदरत की मार से किसान परेशान हैं। पहले गर्मी में फसल खराब हुई थी। अब सर्दी से पान का पत्ता काला पड़ रहा है। परशुराम चौरसिया ने बताया कि उसने कड़ी मेहनत कर पान की फसल तैयार की थी। सर्दी अधिक पड़ने से अब पत्ते काले पड़ रहे हैं और कुछ दिनों में टूटकर गिर जाते हैं।
पान किसान मुन्ना चौरसिया, खेम चंद्र चौरसिया और संजय चौरसिया ने बताया कि पान की खेती के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। कोरोना काल से बरेली के लिए बस बंद होने के बाद परेशानी और बढ़ गई है। निजी साधनों से बरेली व अन्य मंडियों में पान भेजना पड़ता है। देर होने पर पत्ता खराब हो जाता है, जिसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सर्दी के कारण ही उनके बरेजों में लगी पान की बेल के पत्ते काले पड़कर गिर रहे हैं।
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फैक्ट फाइल
विवरण पहले अब
पाली क्षेत्र में पान का रकबा 2000 एकड़-100 एकड़
क्षेत्र के पान किसान 6000 - 500
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सर्दी में पत्ते पर पानी पड़ा होने से वह काला पड़ जाता है। इससे बचने के लिए दवा का प्रयोग न कर बरेजों के आसपास धुआं कर दें या फिर हल्का गर्म पानी का छिड़काव करें। पत्ता सही हो जाएगा।- परवेज खान, जिला उद्यान अधिकारी