ललितपुर। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष की शिकायत पर डीएफओ घिर गए हैं। आरोप है कि तालबेहट वन रेंज में बड़े पैमाने पर अवैध कटान व खनन हो रहा है। सैकड़ों एकड़ भूमि पर विभागीय कर्मियों की शह पर कब्जा हो गया है। जिन पर लोगों ने खेती शुरू कर दी है। जिले के प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी से इस प्रकरण में पूरी रिपोर्ट मांगी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी ने बताया कि जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव को उन्होंने बताया है कि ग्राम गेवरा वन रेंज तालबेहट में सुखदास लोधी खपरैल बनाने के लिए मिट्टी उठा रहा था, उसे यह पता नहीं था कि यह वन रेंज या ग्राम सभा की भूमि है। रेंज कर्मियों ने उसे मिट्टी उठाते हुए पकड़ लिया। उससे लगभग 40 हजार रुपये जुर्माना लिया गया। 18 दिन के बाद उसकी ट्रॉली को छोड़ा था। लेकिन ग्राम मथुरा डांग, चमरुआ कई गांव हैं जिनमें सैकड़ों एकड़ जमीन पर वन विभाग कर्मियों की मिलीभगत से खेती कराई जा रही है। आरोप यह भी है कि तालबेहट रेंज अंतर्गत अवैध कटान व खनन हो रहा है। सुनौरी वीट में भी बड़े पैमाने पर बालू का खनन किया जा रहा है। ग्राम उगरपुर रेंज तालबेहट में अभी भी कबूतरों के डेरों पर लगभग बीस- पच्चीस ट्रक हरे पेड़ों का भंडारण है, जिसकी जानकारी विभागीय कर्मियों को है। वन रेंज अफसर किसानों पर ही कार्रवाई करते हैं। किसी डंपर पर कार्रवाई नहीं की जा जाती है। ग्राम पवा की वन भूमि पर अवैध निर्माण हो गया है। इसलिए उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव से की है।
जिलाध्यक्ष बोले-मेरे पास सभी साक्ष्य, वीडियो और फोटो हैं
इन शिकायतों के संबंध में उनके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। इनमें अवैध लकड़ी कटान और खनन के वीडियो व फोटों हैं। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी के स्तर से भी इस प्रकरण पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि प्रभारी मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी से तलब की है। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस प्रकरण की जांच करके जिलाधिकारी रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
वन भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें निराधार हैं। कबूतरों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई है।
डीएन सिंह, डीएफओ