ललितपुर/बिरधा। रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लोगों ने योग किया। अनेक लोगों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योगाभ्यास किया। राज्य योग निरीक्षक भागीरथ पुरुषार्थी ने कहा कि निरोगी रहना है तो योग जरूरी है।
राज्य योग निरीक्षक भागीरथ पुरुषार्थी ने अपने निवास पर कहा कि आयुष मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार घर पर रहकर ही चार सूक्ष्मा अभ्यास, 20 आसन पांच प्राणायाम का अभ्यास किया और 50 जिलों के जिला प्रभारियों को योगाभ्यास कराया।
कस्बा बांसी स्थित सुदर्शन डिग्री कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संक्षिप्त कार्यक्रम हुए। प्राचार्य डॉ. केके. सिंह ने कोविड-19 कोरोना के दृष्टिगत सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सभी विद्यार्थियों से घर पर ही योगाभ्यास करने का सुझाव दिया था। प्रबंधक उमा यादव और संस्थापक डॉ. आरएन यादव मौके पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। तकनीकि सहयोग प्रहलाद नामदेव का रहा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगा सत्संग समिति द्वारा योग भवन महावीरपुरा में डॉ. रमेश किलेदार के निर्देशन में योगाभ्यास कराया गया। इस मौके पर रविचुनगी, बुंविसेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू, रामविलास तिवारी, सीएल गुप्ता, संजय मोदी, प्रकाश, रवि पाठक, अमरकांत गौर, कौशल किशोर गोस्वामी, नवल किशोर सोनी, कमल रिछारिया, शशिवाला, दीप्ति, सीता, राजेंद्र गुप्ता उपस्थित रहे।
उधर, कस्बा बिरधा में पहली बार है कोरोना वायरस महामारी चलते योग दिवस के मौके पर सामूहिक योग नहीं किया गया। किसान इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजकुमार ने योग की खासियत बताई। उन्होंने कहा कि योग करने से शरीर में स्फूर्ति आती है, शरीर का मानसिक रूप से विकास होता है। माया ज्ञानोदय संस्कार एकेडमी के संरक्षक राजेश दीक्षित का कहना है कि जिस प्रकार हमारे शरीर को भोजन व पानी की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार योग जरूरी है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को योग प्रशिक्षिका प्रज्ञा खरे ने घर पर ही योग किया और ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग से अनेक लोगों को योगाभ्यास कराया। कोरोना काल में योग द्वारा जीवन में अनुशासन को समझते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को सभी ने छठवां योग दिवस मनाया। वृक्षासन हमें एकाग्रता प्रदान करता है। उष्ट्रासन फेफड़ों की शक्ति विकसित करता है। शशांकआसन कब्ज दूर करता है। भुजंगासन से मेरुदंड की मसाज कर मजबूती मिलती है। मर्कटासन से सायटिका, स्लिप डिस्क जैसे विकारों के लिए लाभ होता है। योग की आधुनिक आवश्यकता के अनुसार न केवल आसन बल्कि प्राणायाम, ध्यान, मंत्र उच्चारण करना अनिवार्य है।
घर पर सूर्य नमस्कार करतीं प्रज्ञा- फोटो : LALITPUR
घर पर योग करती बच्ची- फोटो : LALITPUR