सैैदपुर/बानपुर (ललितपुर)। महरौनी स्थित पावर हाउस का आठ एमबीए का ट्रांसफार्मर फुंक जाने के कारण महरौनी नगर व सैदपुर फीडर के ग्रामीण क्षेत्रों में एक सप्ताह से बिजली संकट बना हुआ है। दीवाली पर्व भी लोगों को लालटेन की रोशनी में मनाना पड़ा।
वहीं, कस्बा बानपुर में बिजली नहीं होने के कारण आटा चक्की बंद हैं, जिससे लोगों को आटा खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है।
अल्टरनेट बिजली आपूर्ति के बाद भी सैदपुर फीडर को 24 घंटे में से मात्र तीन घंटे ही बिजली मुहैया हो पा रही है, जिससे ग्रामीणों को लालटेन के सहारे कामकाज निपटाने पड़ रहे हैं। दीवाली का पर्व भी बिना बिजली के सहारे मनाया गया।
महरौनी स्थित 33 केवी सब स्टेशन में स्थापित आठ और पांच एमबीए के ट्रांसफार्मरों के माध्यम से महरौनी नगर व ग्रामीण फीडरों से ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति मुहैया कराई जाती है। एक सप्ताह पूर्व शुक्रवार को यहां स्थापित आठ एमबीए के ट्रांसफार्मर में आंतरिक खराबी आने के कारण उसमें आग लग गई और वह फुंक गया।
नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने के बाद चार्ज होने तक महरौनी व अन्य ग्रामीण फीडरों को पांच एमबीए के दूसरे ट्रांसफार्मर के माध्यम से अल्टरनेट बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई, लेकिन सैदपुर फीडर के ग्रामीण उपभोक्ताओं को अल्टरनेट व्यवस्था होने के बाद भी दिन भर में मात्र तीन घंटे ही आपूर्ति की जा रही है। इतना ही नहीं, अल्टरनेट व्यवस्था के तहत सैदपुर फीडर के अंतर्गत देर रात ढाई से बजे के बाद बिजली आती है
और सुबह छह बजे चली जाती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत के उपकरण शोपीस बन गए हैं। पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप पड़ी है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं।
उधर, बानपुर के निवासी बिजली समस्या के कारण परेशान हैं। आटा चक्की बंद होने के कारण वह बाजार से आटा खरीद कर परिवार का काम चला रहे हैं। एक सप्ताह से बिजली नहीं होने के कारण लोगों का बजट गड़बड़ा गया है।
साठ घंटे से नहीं हुए बिजली के दर्शन
सैैदपुर। कस्बा सैदपुर और सैदपुर फीडर से जुड़े गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। आलम यह है कि साठ घंटे से अधिक समय से बिजली नहीं आई है। विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि दीवाली के दिन तक समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
जेई ने बंद रखा मोबाइल
सैदपुर। बिजली की आपूर्ति कब होगी, इसकी जानकारी देने के लिए कोई कर्मचारी तैयार नहीं था। यहां तक कि विद्युत विभाग के अवर अभियंता ने भी अपना मोबाइल फोन बंद रखा, जिससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष है।