ललितपुर। मकर संक्रांति के बगले दिन 15 जनवरी को भंवरात पर होने वाले जानवरों के शिकार को रोकने के लिए वन विभाग की टीमें जंगल में गश्त पर लग गई हैं। बुंदेलखंड के अति पिछड़े जनपद में मकर संक्रांति के अगले दिन भंवरात पर जंगली जानवरों के शिकार की परंपरा आज भी कायम है। इसे तोड़ने के लिए हर साल वन विभाग के अफसर रणनीति बनाते हैं।
ललितपुर, गौना और मड़ावरा वन क्षेत्र सबसे संवेदनशील हैं, जहां पर शिकारी सक्रिय रहते हैं। पिछले दिनों कई जंगली जानवरों का शिकार हो भी चुका है, इससे वन विभाग के अफसर अब किसी भी प्रकार की लापरवाही के मूड में नहीं हैं। इस बार डीएफओ डीएन सिंह ने जिले में 19 टीमों का गठन किया है। शुक्रवार से वन कर्मियों ने जंगल में गश्त बढ़ा दी है। इसमें रैजर व वन दरोगा को लगाया गया है। दिन व रात में शिकारियों पर नजर रखी जाएगी। बता दें कि पिछले दिनों जंगली जानवरों के शिकार के मामले प्रकाश में आए हैं, जिससे वन कर्मियों को ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ रही है।