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भारत मां की जय और वंदेमातरम के उद्घोष से गूंजी शहर की सड़कें

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अमर उजाला की प्रभात फेरी में तिरंगा लेकर निकले युवा - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। अमर उजाला गणतंत्र का जश्न के अंतर्गत प्रभात फेरी निकाली गई। इस दौरान युवक व महिलाएं हाथों में तिरंगा लेकर भारत मां की जय के उदघोष करते हुए चल रहे थे। प्रभात फेरी तुवन मंदिर के मुख्य गेट से प्रारंभ होकर घंटाघर, सावरकर चौक, तालाबपुरा से होकर वापस तुवन मंदिर के मुख्य गेट पर समाप्त हुई।
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अमर उजाला गणतंत्र का जश्न उत्साहपूर्वक मना रहा है। इसमें शहर के नागरिक, सामाजिक संगठन प्रतिभाग कर रहे हैं। शनिवार को इसी श्रंखला में सुबह साढ़े छह बजे प्रभात फेरी निकाली गई। इसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, पतंजलि के सदस्यों व अन्य युवकों ने प्रतिभाग किया। तुवन मंदिर प्रागंण से सुबह साढ़े छह बजे प्रभात फेरी से शुरुआत हुई। अरविंद सिंघई, रितिक कुमार, राहुल सहरिया, रहीश सिंह, सुमित सिंह, भरत रजक, रोहित मिश्रा, रोहित गंगेले, सिल्लू तिवारी, विवेक बोहरे, उमेश अहिरवार, गोपाल शर्मा, सिद्दत, अंजना शुक्ला, रानी, डा. प्राची शुक्ला, शिक्षक सुरेंद्र जैन, सुरेश जैन, बीए यादव, उमेश वैद्य, अमरीश राठौर, अजीत नापित, भूपेंद्र साहू, रूपेंद्र राठौर, शैलेंद्र त्रिपाठी, असलम आदि उपस्थित रहे।
गणतंत्र दिवस हमें संविधान में मिले अधिकारों की याद दिलाता है। जितनी स्वतंत्रता हमारे देश में लोगों को मिली हुई है, उतनी अन्य देशों में नजर नहीं आती है। हमारे संविधान ने देश को मजबूती से बांध रखा है।
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प्रीति जैन, जिला प्रभारी महिला पतंजलि
आज के युवा मौजूदा परिस्थितियों में दिग्भ्रमित होने लगे हैं। इस तरह के आयोजन से लोगों में देश प्रेम जागृत होता है। अमर उजाला की पहल सराहनीय है, ऐसे में कार्यक्रमों मेें लोगों को बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी जताना चाहिए।
- उमा तिवारी
हमारे देश में विविध भाषा एवं संस्कृति को मानने वाले लोग रहते हैं, इसके बाद भी देश एकजुट है। हमारी देश की धर्म निरपेक्षता दूसरे देशों के लिए सबक है। अन्य देश विभिन्न तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि हमारे देश में ऐसा नहीं है।
- कल्पना समैया
जिस तरह से हम धार्मिक त्योहारों को मनाते हैं, उसी तरह हमें राष्ट्रीय त्योहारों को भी मनाना चाहिए। मौजूदा समय में राष्ट्रीय पर्वो को मनाने में लोग कंजूसी करने लगे हैं जो सही नहीं है। सभी को गणतंत्र दिवस को धूमधाम से मनाना चाहिए।
- सविता
गणतंत्र दिवस ऐसा आयोजन है, जो हमें संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों की याद दिलाता है। इसी से ही हमारे देश में लोकतंत्र कायम है। दूसरे देश हमारे मजबूत लोकतंत्र को देखकर सीखने का प्रयास करते हैं।
- परशुराम साहू, महामंत्री युवा भारत
प्रत्येक व्यक्ति में देश प्रेम की भावना जागृत होना चाहिए। जिस दिन लोग देश को अपना घर समझने लगेंगे, उस दिन देश में अराजकता, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं पर अंकुश लग जाएगा।
- मुकेश साहू, जिला प्रभारी युवा भारत
हमारे देश के लोकतंत्र की मजबूती का पता इससे लगता है कि हम लगातार हर्षोल्लास के साथ एक के बाद एक गणतंत्र दिवस समारोह मना रहे हैं। वहीं, दूसरे देशों में अशांति का वातावरण बना हुआ है।
- अशोक सेन
जब देश से आजाद हुआ है, तब से हम गणतंत्र दिवस मनाते चले आ रहे हैं। इसे मनाने का अवसर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने सर्वस्व लुटाकर दिया है। स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपने घर परिवार की भी चिंता नहीं की थी। इसे युवाओं को बताना होगा।
- मनीष श्रीवास्तव
राष्ट्रीय ध्वज हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है। हम सभी को गणतंत्र दिवस समारोहपूर्वक मनाना चाहिए। इस दिन हम सभी को अपने घरों पर तिरंगा फहराना चाहिए, ताकि सभी लोग देशप्रेम से लबरेज हो सकें।
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- केशरी कांकर
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