कथा व्यास ब्रज भुवनेश्वरी देवी ने कहा कि भगवान की कृपा से शरणागति होती है। जब जीव समस्त भौतिक सुखों को छोड़कर एकमात्र परम पुरुष श्रीकृष्ण की शरण पा ले लेता है, तो उसे परम आनंद की अनुभूति प्राप्त होती है।
मेहंदी बाग स्थित विवाह घर में आयोजित आध्यात्मिक दार्शनिक प्रवचन में जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रचारिका ब्रज भुवनेश्वरी देवी ने प्रवचन में कहा कि गीता में श्रीकृष्ण स्वयं कहते हैं, कि सभी धर्मों का परित्याग कर केवल मेरी शरण में आओ। जो जीव प्रभु चरणों में शरणागत हो जाता है। उसकी रक्षा के लिए स्वयं भगवान आते हैं। द्रोपदी के चीर हरण पर भगवान दौडे़ चले आये। अर्जुन को गीता का उपदेश स्वयं परमात्मा श्रीकृष्ण ने दिया। भक्त अगर सच्ची पुकार लगाये, तो निश्चित है कन्हैया मदद को आते है। प्रवचन अवसर पर योगेश कुमार विजय, चेतन ठुकराल, पीएल रायकवार, ममता रायकवार आदि मौजूद रहीं।