ललितपुर वन रेंज में अवैध खनन की शिकायत के मामले में जांच बैठा दी गई है। वन संरक्षक बुंदेलखंड जोन ने उरई डीएफओ की अगुवाई में झांसी रेंजर को जांच के निर्देश दिए हैं। इससे रेंज कर्मियों में खलबली मच गई है। पहले दिन की जांच में अधिकारियों ने वन क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति देखी।
अवैध खनन के मामले में भले ही सुप्रीम कोर्ट सख्त रुख अपनाए है। इसके बाद भी अवैध खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। ललितपुर वन रेंज से खदानें सटी होने के कारण अवैध खनन की संभावना बनी रहती है। खासकर सैपुरा, कनपुरा, हरदारी, बंट जैसे स्थलों पर अवैध खनन कारोबारियों की नजरें रहती हैं। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वह खनन करने लगते हैं। इसमें विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। बीते दिनों ऐसी ही शिकायत वन संरक्षक बुंदेलखंड जोन से की गई है।
जिस पर उन्होंने डीएफओ उरई डीआर अहिरवार व झांसी रेंजर आरपी प्रजापति को जांच के निर्देश दिए हैं। रविवार को दोनों अफसर जांच करने पहुंचे। लेकिन, स्थानीय स्टोर इंचार्ज की असमय मृत्यु होने पर डीएफओ उरई ने जांच को टाल दिया। लेकिन, झांसी रेंजर आरपी प्रजापति ने आधा दर्जन कर्मियों के साथ ललितपुर वन रेंज के बंट, कपासी, दूधई, पाली, हरदारी, सैपुरा आदि क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान जांच टीम के हाथ कुछ नहीं लगा।
माना जा रहा है कि अवैध खनन कारोबारियों को जांच टीम के आने की सूचना पहले से ही थी, जिससे अवैध खनन को रोक दिया गया। यही नहीं, जांच टीम के समक्ष शिकायतकर्ता भी उपस्थित नहीं हुआ। जिससे जांच पूरी नहीं हो सकी। ऐसी स्थिति में टीम दोबारा जांच करने के लिए आएगी।
दोबारा जांच को आएगी टीम
अवैध खनन मामले की जांच को आई टीम ने कई स्थानों का निरीक्षण किया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। टीम ने दोबारा आने की बात कही है।
- गणेश प्रसाद शुक्ला, वन रेंजर ललितपुर।
वन अधिकारी को जांच की जानकारी ही नहीं
वन उपखंड अधिकारी आरके त्रिपाठी को किसी भी तरह की जांच होने की जानकारी ही नहीं है। उनसे अवैध खनन मामले की जांच के बारे में जानकारी चाही तो वन उपखंड अधिकारी ने क्षेत्र में किसी तरह की जांच होने पर अनभिज्ञता जाहिर की।
विवाद से खुला खनन का खेल
ललितपुर वन रेंज में लंबे समय से अवैध खनन का खेल विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से चल रहा है। बीते दिनों इसी रेंज के दो कर्मी बंटवारे को लेकर आपस में भिड़ गए। नतीजा यह हुआ कि अवैैैध खनन की शिकायत वन संरक्षक तक पहुंच गई। इससे स्थानीय अधिकारियों की नींद उड़ गई है।