सार्वजनिक सूचना आमजन तक पहुंचाने के लिए शहर के मुख्य मार्ग व चौराहों पर लगाए गए लाउडस्पीकर शोपीस बनकर रह गए हैं। समय व अधिकारी बदलने के साथ-साथ नगर पालिका का ध्यान पूरी तरह से इनकी ओर से हट गया है। नगर पालिका अब स्थानीय जनता तक अपना सीधा संदेश नहीं भेज पा रही है, जिसका असर शासन द्वारा संचालित योजनाओं की सूचना व जागरूकता अभियान पर पड़ रहा है।
नगर पालिका ने करीब छह लाख रुपये की लागत से स्थानीय रेलवेे स्टेशन से आजाद चौक तक मुख्य मार्ग पर स्थित चौराहों, स्थलों, बाजार क्षेत्र व अत्यधिक परिवहन वाले क्षेत्र में लाउडस्पीकर लगवाए थे। इन स्पीकरों को लगे हुए दो वर्ष होने वाले हैं, लेकिन विगत कई महिनों से यह शोपीस बने हुए हैं। तत्कालीन सदर उपजिलाधिकारी व प्रभारी अधिशासी अधिकारी घासीराम राठौर के निर्देशन पर यह लाउडस्पीकर लगवाए गए थे। शहर में लगे इन लाउडस्पीकरों से नगर पालिका द्वारा संचालित दुकानों के किराया बकाएदारों, दुकानों की प्रीमियम राशि बकाएदारों व गृहकर के बड़े बकाएदारों के नाम व बकाया धनराशि सार्वजनिक की जाती थी, ताकि बकाएदार शर्मिंदा होकर विभाग का बकाया अदा कर दें। नपा का यह प्रयोग गत वर्ष वसूली में काफी सफल साबित हुआ था और बदनामी से बचने के लिए कई बकाएदारों ने बकाया जमा कर दिया था।
तत्कालीन प्रभारी अधिशासी अधिकारी के कार्यकाल के दौरान इन लाउडस्पीकरों का लगातार उपयोग किया गया, लेकिन उनके जाने के बाद इस परंपरा को बंद कर दिया गया है। निरंतर उपयोग नहीं होने के कारण अब यह लाउडस्पीकर केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।
बंद पड़े इन लाउड स्पीकरों की ओर नगर पालिका के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने के लिए अमर उजाला ने मार्च माह में समाचार प्रकाशित किया था। समाचार को संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने करीब एक सप्ताह तक स्पीकरों का उपयोग किया भी, लेकिन बाद में इनका उपयोग बंद कर दिया गया।
योजनाओं की जानकारी व जागरूकता अभियान पर भी असर
शहर में नागरिकों के बीच लगे नगर पालिका के इन लाउडस्पीकरों का उपयोग सार्वजनिक सूचना व शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक करने में किया जाता था, लेकिन स्पीकर खराब होने का कारण अब शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी नागरिकों तक नहीं पहुंच पा रही है व जागरुकता अभियान पर भी असर पड़ रहा है।
यह भी मिलेगा लाभ
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शासन ने नगर पालिका को मार्च 2017 तक शहर को खुले में शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन लाउडस्पीकरों के माध्यम से नगर पालिका लोगों को इस योजना की विस्तृत जानकारी दे सकती है। स्वच्छता के प्रति भी नागरिकों को जागरुक कर सकती है। यही नहीं, नगर पालिका बाजारों में लगे अपने इन लाउडस्पीकरों के माध्यम से बाजार खरीददारी करने के लिए आए लोगों को पॉलिथीन का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक कर सकती है।