ललितपुर। राजस्थान के बारां शहर के शाहाबाद रोड स्थित जैन नसियां मंदिर में आचार्यश्री ज्ञानसागर महाराज और मुनिश्री ज्ञेयसागर महाराज विराजमान हैं। आचार्यश्री ज्ञानसागर महाराज ने ऑनलाइन बेविनार के माध्यम से कहा कि कोरोना काल में एक-दूसरे के सहयोगी बनें।
वेबिनार में आचार्यश्री की प्रेरणा से ‘साइबर अपराधों से कैसे बचें’ विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। उच्च न्यायालय की सायबर लॉ एक्सपर्ट खुशबू जैन ने आरोग्य सेतु एप से निजता के अधिकार के उल्लंघन के सवालों के जवाब दिए। बताया कि यदि साइबर ठगी होती है तो बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर तुरंत कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं। घटना की रिपोर्ट निकटतम पुलिस स्टेशन / साइबर क्राइम सेल को दें और संबंधित लेन-देन विवरण प्रदान करने वाली शिकायत दर्ज करें। इसे www.cybercrime.gov.in और सेवा प्रदाता पर भी रिपोर्ट कर सकते हैं। यदि बैंक 30 दिनों के भीतर जवाब देने या कार्य करने में विफल रहता है या यदि आप अपने बैंक की प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं, तो घटना की शिकायत बैंकिंग लोकपाल दें। लोकपाल द्वारा पारित आदेश के 30 दिनों के भीतर लोकपाल योजना के तहत अपीलीय प्राधिकारी के पास अपील करने का विकल्प होता है। उपभोक्ता अदालत में चुनौती देने का भी विकल्प है। आचार्यश्री ज्ञानसागर महाराज ने बताया कि साइबर क्राइम से बचें और अपने सभी मिलने वालों को भी साइबर क्राइम की जानकारी दें। यूनिवर्सल जैन लॉयर्स एसोसिएशन (उजला) के को-आर्डिनेटर एड सुरेंद्र मोहन जैन ने अभिनंदन किया। जस्टिस अभय गोहिल, एडवोकेट अजयवीर सिंह और सुशील कुमार आदि ने विचार व्यक्त्त किए। एडवोकेट गौरव जैन ने संचालन और ब्रह्मचारिणी अनीता दीदी ने मंगलाचरण किया। डॉ. सुनील संचय ने आचार्यश्री ज्ञानसागर का परिचय दिया।