बाबा सदनशाह उर्स कमेटी द्वारा अवैध रूप से निर्मित की गई 15 दुकानें की पूर्व में सरकारी संपत्ति घोषित करने की कार्रवाई के बाद अब अवैध दुकानों की बेदखली के लिए एसडीएम कोर्ट में पीपीएक्ट का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम ने तहसीलदार को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
बाबा सदनशाह उर्स कमेटी द्वारा 15 दुकानों का निर्माण कराया था और उन दुकानों का किराया भी वसूला जाता था। गत कुछ माह पूर्व उक्त दुकानों का मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के आदेश पर 31 दिसंबर 2017 को सभी दुकानों को राजसात किया गया था। यह मामला उस समय काफी सुर्खियों में रहा था। अब उक्त अवैध दुकानों के मामले में जिलाधिकारी के आदेश के द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि उक्त प्रकरण में डीजीसी सिविल की राय के अनुसार उक्त सभी दुकानों की बेदखली के लिए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक भूग्रहादि अधिनियम (पीपीएक्ट) के तहत कार्यवाही उपजिलाधिकारी सदर की न्यायालय के यहां स्थानांतरित की जाए। अपर जिलाधिकारी/नोडल अधिकारी नजूल योगेंद्र बहादुर सिंह ने उक्त जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में तहसीलदार सदर को निर्देश दिए हैं कि नजूल आराजी संख्या 518 में बाबा सदनशाह उर्स कमेटी द्वारा अवैध रुप से कब्जा करके 15 दुकानों की बेदखली के संबंध में पीपीएक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उक्त मामले में आरोपियों को तीन माह में न्यायिक आदेश पारित करने के निर्देश भी दिए।
नजारत विभाग वसूलेगा दुकानों का किराया
बाबा सदनशाह उर्स कमेटी द्वारा अवैध रूप से कब्जा करके 15 दुकानों के निर्माण के मामले में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने नजारत विभाग के प्रभारी अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वह सरकारी संपत्ति घोषित की गई उक्त अवैध दुकानों का किराया उसी दिन से वसूलकर नजारत में जमा कराया जाए। इसी प्रकार भविष्य में भी प्रत्येक माह का निर्धारित किराया वसूल करते हुए जमा कराने की कार्रवाई भी की किए जाने के आदेश दिए हैं। बता दें कि उक्त सभी 15 दुकानें जिलाधिकारी के आदेश पर 31 दिसंबर 2017 को सरकारी संपत्ति घोषित की गई थीं।