बांध से निकली दो नहरों के गेट भी लगेंगे गेट
अभी बांध के गेट मजदूर खोलते हैं हाथों की मदद से
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद के सबसे बड़े बांधों में गिने जाने वाले जामनी बांध के गेट अब हाथ से खोलने की आवश्यकता नहीं रहेगी। यहां पर 4.50 करोड़ की लागत से ऑटोमेटिक गेट लगाए जाएंगे। इसके साथ बांध से निकली दो नहरों के गेट भी ऑटोमेटिक होंगे। मानसून सीजन समाप्त हो जाने के बाद इन्हें लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जामनी नदी पर वर्ष 1973 में जामनी बांध का निर्माण हुआ था। बांध की जल भंडारण क्षमता 92.87 एमसीएम है। इसमें सिंचाई के लिए 67 एमसीएम पानी आरक्षित है। बांध में निर्धारित जलस्तर से अधिक पानी पहुंच जाने पर निकासी के लिए बांध में छह गेट लगे हुए हैं। यह सभी गेट मैनुअल हैं और इन्हें कर्मचारियों को हाथों से खोलना पड़ता है। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा।
जामनी बांध के इन मैनुअल गेटों के स्थान पर 4.50 करोड़ रुपये की लागत से गेटों को ऑटोमेटिक किया जाएगा। इसके लिए अभी सिंचाई विभाग में निविदा प्रक्रिया चल रही है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो जाने और मानसून सीजन गुजर जाने के बाद बांध में ऑटोमेटिक गेट लगाए जाने का काम शुरू हो जाएगा।
वहीं बांध से 230 किलोमीटर लंबी दो नहरे निकली हैं। जिससे किसानों की फसल की सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाता है। लेकिन, बांध के पास लगे नहरों के गेट भी काफी खराब है और इनसे पानी रिसता रहता है। इन दोनों नहरों के गेटों को भी ऑटोमेटिक किया जाएगा।
जामनी बांध में अभी तक मैनुअल गेट लगे हुए है। अब इनके स्थान पर 4.50 करोड़ की लागत से ऑटोमेटिक गेट लगाए जाएंगे। इसमें दोनों नहरों के गेट भी शामिल है। अभी निविदा प्रक्रिया अपनाई जा रही है। मानसून सीजन के बाद काम करवाया जाएगा।
इं. सलमान खान, सहायक अभियंता सिंचाई खंड
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