ललितपुर। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में गृह जनपद आए 49 शिक्षकों को अभी तक विद्यालय आवंटित नहीं किए जा सके हैं, जिस कारण वह खाली हैं। कई शिक्षक तो जब मनचाहा तब बीएसए कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करा कर घर चले जाते हैं।
लंबे समय से शिक्षकों को अंतर्जनदीय स्थानांतरण का इंतजार था। बीते माह शासन ने शिक्षकों की इस मुराद को पूरा कर दिया। इस प्रक्रिया में 135 शिक्षकों का स्थानांतरण गैर जनपद में हुआ, जिनमें से 112 शिक्षकों को बाहरी जनपद के लिए रिलीव कर दिया गया। वहीं, 63 शिक्षकों का ललितपुर जिले के लिए तबादला हुआ है, इनमें से 49 शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय में ज्वाइन कर लिया है। गैर जनपदों से आए शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पटल सहायक के पास पंजिका रख दी गई है।
विभागीय कर्मी गृह जिले से आए शिक्षकों पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रहे हैं। कुछ शिक्षक अनियमित बने हुए हैं तो कई हाजिरी भरकर सीधे घर के लिए रवाना हो जाते हैँ। कुछ ऐसे हैं जो जब मन में आया तब उपस्थिति दर्ज कराने को बीएसए कार्यालय पहुंच जाते हैं। इस तरह तबादले पर आए शिक्षक मौज काट रहे हैं।
उधर, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने दस सितंबर तक स्थानांतरित अध्यापकों की सूची परिषद कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। इससे स्पष्ट है कि स्थानांतरित अध्यापकों को दस सितंबर के बाद ही विद्यालय आवंटित होंगे, तब तक ऐसे अध्यापक बीएसए कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे।
बीईओ की नहीं चली रिलीविंग में
गैर जनपद जाने वाले शिक्षकों को कार्यमुक्त करने में खंड शिक्षा अधिकारियों की सिफारिश को ध्यान नहीं रखा गया। ऐसा ही एक मामला ब्लाक जखौरा का सामने आया है। यहां के एक शिक्षक के पास कई विद्यालयों का चार्ज था। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई निर्माण भी कराए। खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को कार्यमुक्त करने से पहले निर्माण संबंधी लेखाजोखा का परीक्षण कराने को कहा था। लेकिन, विभागीय कर्मियों ने उन्हें आनन फानन में कार्यमुक्त कर दिया। अब शिक्षक के कई राज खुल रहे हैं जोविभाग में चर्चा का विषय बन गए हैं।
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में ज्वाइन हुए शिक्षकों से विद्यालय आवंटित होने तक नगर क्षेत्र में शैक्षिक कार्य लिया जाएगा। जो शिक्षक पंजिका के अवलोकन में गैर हाजिर पाए जाएंगे, उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
संतोष कुमार राय
बीएसए ललितपुर।