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अटल आवासीय विद्यालय : दो फर्मों के प्रबंधक और सुपरवाइजर पर प्राथमिकी दर्ज

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प्रधानाचार्य की तहरीर पर कार्रवाई, भोजन सामग्री के रखरखाव, खराब खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल और साफ-सफाई में लापरवाही के आरोप
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लखनऊ, अयोध्या के लिए भी जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। धौर्रा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में 49 छात्र-छात्राओं के बीमार पड़ने के मामले में पुलिस ने भोजन व्यवस्था और साफ-सफाई से जुड़ी दो कार्यदायी संस्थाओं के प्रबंधकों तथा एक सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रधानाचार्य ने भोजन सामग्री के रखरखाव, खराब खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल और मेस की साफ-सफाई में लापरवाही को घटना का कारण बताया है।
अटल आवासीय विद्यालय के प्रधानाचार्य जियालाल ने जाखलाैन थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि विद्यालय में 707 पंजीकृत छात्र-छात्राओं के भोजन की व्यवस्था निविदा के माध्यम से मेसर्स शालू एसोसिएट के प्रबंधक ब्रजकिशोर निवासी इनायत नगर जनपद अयोध्या को सौंपी गई थी। फर्म के सुपरवाइजर जयसिंह कुशवाहा द्वारा भोजन सामग्री और सब्जियों के रखरखाव तथा भोजन तैयार करने में लापरवाही बरती गई। इसके चलते 49 बच्चों को पेट दर्द और उल्टियों की शिकायत हुई, जिन्हें जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा।
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तहरीर में फर्म के प्रबंधक ब्रजकिशोर, सहयोगी संस्था जय अंबे फूड्स प्रोडक्ट्स, झांसी के प्रबंधक सुभाष गुप्ता तथा विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का जिम्मा संभाल रही निर्मल फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ के प्रबंधक प्रवीण टंडन को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। आरोप है कि मेस में साफ-सफाई के मानकों की अनदेखी की गई, जिससे संक्रमण की आशंका बनी।
सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि प्रधानाचार्य की तहरीर के आधार पर संबंधित प्रबंधकों और सुपरवाइजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई होगी।

क्या है पूरा मामला
16 जुलाई को विद्यालय में दोपहर के भोजन में कढ़ी-चावल परोसा गया था। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बड़ी संख्या में बच्चों को पेट दर्द और उल्टियां शुरू हो गईं। पहले विद्यालय में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपचार शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर 46 बच्चों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। अगले दिन तीन और बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भी भर्ती कराया गया। सभी बच्चों की हालत अब खतरे से बाहर बताई गई है।
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अटल आवासीय विद्यालय प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जिन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हुई है, उनमें दंड का प्रावधान इस प्रकार है-

धारा
अपराध
सजा का प्रावधान
धारा 125 -
मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला लापरवाहीपूर्ण कार्य

यदि केवल खतरा उत्पन्न हुआ हो तो 3 माह तक की कैद या 2,500 रुपये तक जुर्माना या दोनों। यदि चोट पहुंची हो तो 6 माह तक की कैद या 5,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों। यदि गंभीर चोट हुई हो तो 3 वर्ष तक की कैद या 10,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों।
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धारा 271
- जीवन के लिए खतरनाक संक्रामक रोग फैलाने की आशंका वाला लापरवाहीपूर्ण कार्य

6 माह तक की कैद या जुर्माना या दोनों।

धारा 274-
बिक्री के लिए खाद्य या पेय पदार्थ में मिलावट

7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना।
धारा 275 -
हानिकारक खाद्य या पेय पदार्थ की बिक्री

6 माह तक का कारावास, या 5,000 रुपये तक जुर्माना, या दोनों।

धारा 274 के तहत खाद्य पदार्थ में मिलावट सिद्ध होने पर अधिकतम सात वर्ष के कारावास का प्रावधान है। अंतिम सजा प्रयोगशाला से आई अंतिम रिपोर्ट के आधार पर तय होती है। अधिवक्ता निर्देश द्विवेदी ने बताया कि बीएनएस में इसे संज्ञेय अपराध की श्रेणी में माना गया है।
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