33 टीमों ने किया गोशालाओं का निरीक्षण, जिलाधिकारी को सौंपी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गिरार क्षेत्र में एक गोशाला के अंदर गोवंश की दुर्दशा का वीडियो वायरल होने पर जिलाधिकारी की ओर से गठित 33 टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों की गोशालाओं का निरीक्षण किया। किसी गोशाला में गोवंश कम पाए गए तो कहीं व्यवस्थाओं में कमी पाई गई। टीमों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को सौंप दी है।
गिरार क्षेत्र स्थित डगडगी गोशाला उस समय विवादों में आ गई, जब जिला पंचायत सदस्य मनोज कुशवाहा तीन दिन पहले इस गोशाला की चहारदीवारी फांदकर अंदर पहुंच गए और गोवंशों की दुर्दशा का एक वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। जिला पंचायत सदस्य की ओर से जारी वायरल वीडियो में कुछ गोवंशों की स्थिति काफी दयनीय दिख रही थी। इस पर जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने जिले में स्थित सभी गोशालाओं में गोवंशों की स्थिति और वहां की व्यवस्थाओं का सत्यापन कराने के लिए 33 टीमों का गठन कर दिया।
सभी टीमों ने शुक्रवार को अपने अपने क्षेत्र की गोशालाओं का निरीक्षण किया। डगडगी गोशाला में अधिकारियों की गिनती में गोवंश आधे ही मिले हैं। बताया गया कि यहां लगभग 1400 गोवंश रखे गए थे लेकिन गिनती में आधे गोवंश ही पाए गए। वहीं, कुछ गोशालाओं में निरीक्षण के दौरान टिनशेड की कमी भी पाई गई है।
मारपीट का वीडियो वायरल
बीते शुक्रवार को एक गोशाला के बाहर वीडियो बना रहे एक युवक को महिलाओं द्वारा खदेड़ने और पिटाई का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें युवक देवेंद्र कौशिक द्वारा उसके साथ मारपीट की बात कही जा रही है। वहीं, अस्पताल में भर्ती युवक ने आरोप लगाया कि जब वह गोशाला देखने गया था तो उसकी पिटाई की गई। संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
गोशालाओं की सोशल ऑडिट कराने की मांग
स्वामी ब्रह्मानंद ब्रिगेड एवं गोसेवा गोविंद सेवा संस्थान ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर गोशालाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, जनमानस के प्रवेश की अनुमति, भ्रष्टाचार की जांच कराने और जिपं सदस्य समेत साथियों पर झूठी शिकायत निरस्त कराने और सोशल ऑडिट कराने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि जनपद की सभी गोशालाओं में लोगों के प्रवेश पर लगी पाबंदियां तत्काल हटाने एवं सभी गोशालाओं का नियमित सोशल ऑडिट कराने की मांग की है। इसके अलावा, देवेंद्र कौशिक, जिला पंचायत सदस्य मनोज कुशवाहा और उनके साथियों पर दर्ज झूठी शिकायत को तत्काल निरस्त करने और गोशाला में व्याप्त अनियमितताओं और हमले की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने व नियमित सोशल ऑडिट कराए जाने की मांग भी की गई है। इस मौके पर अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान, प्रशांत शुक्ला, मनीष दुबे, शानू उपमन्यु पाठक, अनुज विजय शर्मा, दिनेश पांडेय आदि के हस्ताक्षर हैं। वहीं, ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष रामनिवास लोधी ने भी गोशाला में युवकों से मारपीट के मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।