दूषित भोजन खाने से ग्राम रोंड़ा में दो दिनों से लगातार पशुओं की मौतें होने का सिलसिला जारी बना हुआ है। प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, अब तक पशुओं की मौत के मामले में मात्र पशु चिकित्सकों की टीमों के इलाज के अलावा अन्य कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों व अन्य सामाजिक संगठनों में इस घटना से रोष है।
ग्राम रोंड़ा में मंगलवार को दूषित भोजन खाने से पांच दर्जन पालतू पशुओं की मौत हो गई थी और इससे भी अधिक पशु गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। बुधवार को बीमार पशुओं में 25 की और मौत हो गई। इतनी अधिक संख्या में पशुओं की मौत हो जाने से कई ग्रामीणों का दूध आदि का व्यवसाय लगभग खत्म हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पशु चिकित्सकों की कई टीमों ने दो दिन से गांव में डेरा डाल दिया है।
वहीं, मृत पशुओं का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। बुुधवार को ग्राम रोंड़ा में दूसरे दिन 20 बकरियां व भेड़, एक गाय और चार भैंस व पड़िया की मौत होना बताया गया है। हालांकि पशुचिकित्सकों द्वारा इलाज होने के चलते कई पशुओं की जान बचा ली गई है। उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी जीवन दत्त ने बताया कि इन पशुओं द्वारा बासा खाना अधिक खा लेने के कारण एसीरोसिस बीमारी हो गई, जिससे गैस बनने के कारण पेट फूल गया, जिससे पशुओं को सांस लेने में दिक्कत हो गई और इनकी मौतें हो गईं। हालांकि उन्होंने बताया कि पशुओं को इलाज देने के बाद बुधवार की दोपहर तक स्थिति कंट्रोल में कर ली गई है। वहीं इतनी अधिक संख्या में पशुओं की मौत होने से गांव में मातम सा पसरा हुआ है।
गौवंश व मवेशियों की मौत की जांच की मांग
ललितपुर। गौ सेवा मंडल, स्वामी ब्रह्मानंद यूथ ब्रिगेड और अखिल भारतीय क्षत्रिय लोधी युवा महासभा द्वारा ग्राम रौंड़ा में दर्जनों गौवंश और मवेशियों की मौत को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठनों ने बताया कि गत दिनों ग्राम रोंड़ा में विषाक्त खाद्य पदार्थ खाने से दर्जनों मवेशियों और गौवंशों की मौत हो गई है, जबकि एक सैकड़ा से अधिक मवेशी उपचारत हैं। उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। संगठनों ने डीएम से उक्त गौवंशों व मवेशियों की इतनी अधिक संख्या में हुई मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन पर सुनील पटैरिया, प्रशांत शुक्ला, योगश द्विवेदी, शरद तिवारी, मनीष दुबे, मुकेश राजपूत, अनुराग सिंह, कपिल मिश्रा, रामकुमार पुरोहित के हस्ताक्षर हैं।