संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पांच साल पूर्व पशुगणना कराई गई थी, इसके बाद से पशुगणना नहीं हुई। अब शासन ने पशुगणना के आदेश जारी कर दिए हैं। एक सितंबर से यह गणना प्रारंभ की जाएगी। इससे जनपद के पालतु पशुओं का आकलन होगा।
एक सितंबर से पशुगणना होनी जा रही है। इसके लिए विभाग ने टीमों का गठन कर दिया है। पशुधन प्रसार अधिकारी, पशु मैत्री व पैरावेट की टीमें गठित की गई हैं। एक टीम को चार से पांच ग्राम पंचायतों में गणना करनी होगी। क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी समय समय पर इसकी समीक्षा करेंगे। एक सितंबर से यह गणना 31 दिसंबर तक की जाएगी। इसके पूर्व जब 2019-20 में गणना हुई थी, तब पालतू पशुओं की संख्या 716987 थी, जिसमें गोवंशीय पशु 364514, महिषवंशीय 291743, बकरी 56622, भेड़ 3587, सूकर 521 थे। वर्तमान में जनपद की गोशालाओं में 45915 निराश्रित गोवंशों को रखा गया है। पिछले पांच सालों से पशु गणना न होने के कारण पशु पालकों के लिए नई योजनाएं तैयार नहीं हो पा रही हैं। साथ ही बकरी पालन व भेड़ पालन के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की हकीकत भी गणना से स्पष्ट हो जाएगी।
एक सितंबर से 31 दिसंबर के बीच में यह गणना की जाएगी। गणना होने से पालतू पशुओं की संख्या पता चलेगी, इसके बाद पशु पालकों के लिए योजना तैयार करने में आसानी होगी।
डीपी सिंह मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।