ललितपुर। सिंचाई विभाग में चार हजार से अधिक पदों को समाप्त करने को लेकर सिंचाई विभाग संयुक्त संघर्ष समिति के कर्मचारियों ने सिंचाई कार्यमंडल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
सिंचाई विभाग में विभिन्न पद सींचपाल, उपराजस्व निरीक्षक, ट्यूबवेल संचालक, चालक, टंडेल, रनर सहित चार हजार से अधिक पदों को समाप्त कर दिया गया है। इसको लेकर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश है। बुधवार को सिंचाई विभाग संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में सिंचाई कार्य मंडल कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। सिविल डिप्लोमा इंजीनियर संघ के अध्यक्ष इं. सुरेंद्र अहिरवार ने कहा कि मृत घोषित किए गए सभी पद विभाग की धुरी हैं और किसानों की आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मिनिस्टीरियल एसोसिएशन मंडल के अध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि इन पदों को पुनः बहाल किया जाए। जिससे गरीब संवर्ग के युवाओं को रोजगार के उचित अवसर प्रदान किए जा सकेंगे।
चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद स्वरूप रजक ने सभी से लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। सिंचाई कार्यमंडल के बाहर धरना करने के बाद सभी कर्मचारी कतारबद्ध होकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। इसमें सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के समाप्त किए गए पदों के शासनादेश को समाप्त करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान सहायक अभियंता मनोज त्रिपाठी, विपिन, पूजा, रौली, अशोक गुप्ता, राजेंद्र सोनी, शैलेंद्र कुमार, अमित कुमार, राजीव मिश्रा सहित भारी संख्या में सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।