फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अम्रुत: स्वकर व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का फंसा पेंच

Sun, 13 Sep 2015 12:24 AM IST
ललितपुर ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। केंद्र सरकार की अम्रुत योजना का लाभ उठाने के लिए स्व कर व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का पेंच फंसता नजर आ रहा है। कारण, नगर में न तो अब तक स्वकर लागू हो सका है और न ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट ट्रीटमेंट प्लांट बन सका है। ऐसी स्थिति इस योजना का लाभ मिलना आसान नहीं है।
विज्ञापन


केंद्र सरकार बड़े शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन योजना तथा छोटे शहरों को अम्रुत योजना (अटल मिशन फॉर रिजूवेशन एडं अर्बन ट्रांसफार्मेशन) के अंतर्गत विकास करना चाहती है। इसके अंतर्गत प्रदेश के 13 बड़े शहर स्मार्ट शामिल किए गए हैं तथा अम्रुत के तहत 64 छोटे नगर शामिल किए गए हैं। 64 नगरों में नगर की नगर पालिका भी शामिल हैं।
इस संबंध में 21 व 25 जुलाई को लखनऊ में बैठकें आयोजित हो चुकी हैं, जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका केएन शर्मा सहभागिता कर चुके हैं। इन बैठकों में नगर से संबंधित 15 बिंदुओं पर आख्या मांगी गई, जिसमें जनसंख्या, नाले, नाली, नगर से निकलने वाले वाले कचरे के साथ अन्य विवरण शामिल था। साथ ही नगर का कैसे विकास किया जाए। इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिससे आने वाले समय में नगर को साफ एवं स्वच्छ बनाया जा सके। अम्रुत योजना का लाभ उठाने के लिए नगर में स्वकर प्रक्रिया लागू हो जानी चाहिए। साथ ही कचरा उठान और इसके निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट ट्रीटमेंट प्लांट का भी होना जरूरी है। लेकिन, नगर में एक साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी स्वकर प्रक्रिया लागू नहीं हो पाई है। इससे नगर पालिका की आय भी नहीं बढ़ पा रही है। 
विज्ञापन



वहीं, नगर से निकलने वाले 70 मीट्रिक टन कचरे के स्थायी समाधान के लिए नेशनल हाईवे स्थित ग्राम बिघा खेत के पास बनने वाला सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी अधर में अटका हुआ है। जल निगम झांसी की कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेस( सीएंडडीएस) के अफसरों ने जमीन का महीनों पहले सर्वे भी कर लिया है, लेकिन अब तक कोई काम आगे नहीं हो सका है। नगर के विकास के लिए यह दोनों योजनाएं अधर में हैं। जबकि, अम्रुत योजना का लाभ उठाने के लिए इन दोनों का होना जरूरी है। लेकिन, स्वकर और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू नहीं होने के कारण केंद्र की अम्रुत योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है।



मानक भी हैं पूर्ण
अम्रुत योजना के लिए नगर की आबादी एक लाख से अधिक होनी चाहिए। यह मानक भी नगर पूरा कर रहा है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर में 1.33 लाख से अधिक आबादी निवास कर रही है। हालांकि, वर्तमान में यह संख्या दो लाख से अधिक पार कर गई है।


खर्च होती है धनराशि
अम्रुत योजना के अंतर्गत सीवर लाइन के साथ डोर-टू- डोर कचरा उठान, यातायात व्यवस्था, नगर को साफ एवं स्वच्छ रखने के प्रयास, पानी निकासी के लिए बड़ी व चौड़ी नालियों का निर्माण। छोटी नालियों को बड़े नालों से जोड़ने के साथ नगर की बसाहट का खाका तैयार किया जाता, जिससे बेतरतीब ढंग से बसे नगर से होने वाली परेशानियों को दूर किया जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें