सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग व प्रदेश राजमार्ग से शराब की दुुकानों को हटाने के निर्देश जारी किए जाने से जनपद में नौ दुकानें प्रभावित होंगी। अवैध शराब का कारोबार करने वाले भी अपने डेरा नहीं चला पाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही हाईवे पर किसी नई शराब की दुकान के लाइसेंस पर रोक लगाई जा चुकी है। अब कोर्ट ने पहले से चल रही दुकानों को भी बंद करने का आदेश जारी किया है। इन आदेश के बाद तेरई फाटक, मसौरा कला, गौना, नाराहट, पटउआ स्थित दुकानें प्रभावित होंगी।
विधानसभा चुनाव की आहट को देखते हुए इस बार दिसंबर माह में ही शराब की दुकानों का नवीनीकरण होने लगा है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विभाग को गाइड लाइन का इंतजार है। शासन द्वारा गाइड लाइन मिलने के बाद इन नौ दुकानों का व्यवस्थापन कैसे किया जाए, इस पर कार्यवाही की जाएगी।
जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ी करण होने के बाद कई कस्बों की दुकानें इस नियम से बच गई हैं। अगर पुराने सड़क को प्रदेश राजमार्ग मान लिया जाए तो तालबेहट, बांसी, नगर मुख्यालय समेत कई अन्य दुकानें भी प्रभावित हो सकती हैं। अभी आबकारी विभाग गाइड लाइन का इंतजार कर रहा है, लेकिन शराब कारोबारियों में इस आदेश के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
कोर्ट के आदेश को माना जाएगा। वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर शराब के नौ ठेके हैं, जिन्हें गाइड लाइन के मुताबिक समायोजित किया जाएगा। एसपी पांडेय आबकारी अधिकारी