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बुंदेलखंड कृषि प्रदर्शनी: पहले दिन कृषकों का टोटा

Tue, 29 Mar 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
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कृ‌ष्‍ा‌ि - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। तुवन मैदान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद कृषि मंत्रालय भारत सरकार एवं आईसीएआर अनुसंधान संस्थानों के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय बुंदेलखंड कृषि प्रदर्शनी और गोष्ठी का शुभारंभ हो गया। पहले दिन गोष्ठी में कृषकों की संख्या न के बराबर रही, जिससे पंडाल की अधिकांश कुर्सियां खाली नजर आईं। इस दौरान वैज्ञानिकों ने मौजूद कृषकों को कृषि की नवीन तकनीकों से परिचित कराया।
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बुंदेलखंड कृषि प्रदर्शनी में कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों ने संचालित योजनाओं के प्रचार- प्रसार के लिए अपने-अपने स्टाल लगाए। इसके अलावा कृषि सयंत्रों का भी प्रदर्शन किया गया था। दोपहर 12 बजे तक पंडाल की अधिकांश कुर्सियां खाली रही। कुछ कृषक स्टालों पर योजनाओं की जानकारी लेते देखे गए तो गिनती के कृषकों ने कुर्सियों पर बैठकर गोष्ठी में प्रतिभाग किया। अग्रिम पंक्ति में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौबे, बब्बू राजा बुंदेला, किसान नेता शशि शेखर पांडे, अरविंद सिंघई, रामसेवक गुप्ता, आम आदमी पार्टी के नेता मुरारीलाल जैन व चंद्रभान बेसरा गोष्ठी में उपस्थित थे।

गोष्ठी की शुरुआत होते ही आप नेता मुरारी लाल जैन ने स्थानीय कृषि अधिकारियों की गैर मौजूदगी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। जब तक अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति सजग नहीं होंगे, तब तक इस तरह की प्रदर्शनी व गोष्ठी का लाभ होने वाला नहीं है। मंचासीन अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान उर्द के बीज पर चर्चा होने लगी। अधिकारियों ने स्वीकारा कि बीते वर्षों में कृषकों को उर्द का सही बीज मुहैया नहीं कराया गया, जिससे कृषकों को काफी नुकसान हुआ। इस पर आप नेता ने कृषकों को क्षतिपूर्ति नहीं मिलने की शिकायत की तो इससे अधिकारी सहमत नहीं हुए। आप नेता गोष्ठी का बहिष्कार करते हुए बाहर चले गए।
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 भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर के प्रधान वैज्ञानिक डा. सुशील कुमार चतुर्वेदी ने गोष्ठी को जारी रखते हुए कहा कि बुंदेलखंड के प्रत्येक जनपद में सीड हब की स्थापना की जरूरत है। दलहनी फसलों में गुणवत्तायुक्त बीज एवं फसल बीमा का क्रियान्वयन महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। इस दौरान किसानों ने भी अपने विचार रखे। कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक डा. विजय कुमार गौतम, डा. आरपी सिंह, झांसी स्थित रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कन्सलटेंट डा. देवी सिंह ने परिचर्चा में भाग लिया। अध्यक्षता आईसीएआर अटारी कानपुर के निदेशक डा. यूएस गौतम व संचालन डा. शांतनु कुमार दुबे ने किया।

मार्च क्लोजिंग एवं विधानसभा बूथों के निरीक्षण में व्यस्तता होने के कारण वह व अन्य कृषि अधिकारी गोष्ठी में शामिल नहीं हो सके हैं।
हंसराज
उप कृषि निदेशक

आज आएगी केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरोद्घार मंत्री उमा भारती तीस मार्च को ललितपुर आ रही हैं। वह सुबह 6.40 बजे पर सर्किट हाउस ललितपुर में पहुंचेगी। सुबह 11 बजे बुंदेलखंड कृषि प्रदर्शनी एवं गोष्ठी में शामिल होंगी।
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