संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित दर पर बिक्री और वैज्ञानिक तरीके से भंडारण की जांच के लिए बृहस्पतिवार को कृषि विभाग की पांच टीमों ने जिलेभर में अभियान चलाया। इस दौरान 29 उर्वरक दुकानों की जांच की गई। टीमों ने तीन उर्वरक नमूने संग्रहित किए, जबकि महरौनी में एक विक्रेता को अनियमितता मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
प्रमुख सचिव कृषि के निर्देश पर चलाए गए अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से यूरिया सहित अन्य उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री तथा पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक का सत्यापन करना था। साथ ही संदिग्ध उर्वरकों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की गई। पांचों तहसीलों में प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने संस्थागत बिक्री केंद्रों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं तथा बफर गोदामों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, बिक्री अभिलेख और भंडारण व्यवस्था का भी सत्यापन किया गया।
अपर जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार ने बांसी क्षेत्र में एक विक्रेता की दुकान से दो उर्वरक नमूने लिए, जबकि मड़ावरा क्षेत्र से एक नमूना संग्रहित किया गया। वहीं, उप कृषि निदेशक अख्तर हुसैन ने ललितपुर तहसील क्षेत्र की दुकानों का निरीक्षण कर स्टॉक और बिक्री व्यवस्था की जांच की। महरौनी में निरीक्षण के दौरान एक विक्रेता के यहां उर्वरकों का वैज्ञानिक तरीके से भंडारण नहीं पाया गया। इस पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों ने बताया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन या कालाबाजारी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।