फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्पीड़न के विरोध में महिला आयोग पहुंची शिक्षा मित्र

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। विकासखंड बिरधा के प्राथमिक विद्यालय एरावनी में शिक्षामित्र और शिक्षकों के बीच का विवाद अब महिला आयोग में पहुंच गया है। शिक्षामित्र ने आरोप लगाया कि जब उसने स्कूल में फर्जी तरीके से शिक्षकों की हाजिरी का विरोध किया तो उसका उत्पीड़न शुरू हो गया। उसे लगातार राजीनामा के लिए धमकाया जा रहा है, जिससे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग ने कई शिक्षकों को अंग्रेजी माध्यम में बदल दिया है। इनमें से एक प्राथमिक विद्यालय एरावनी भी है। वर्तमान में स्कूल का शैक्षिक वातावरण शिक्षा मित्र एवं शिक्षकों के आपसी झगड़े की भेंट चढ़ गया है। इस मामले में पेशबंदी भी हो रही है, जिससे अधिकारी झगड़े की वास्तविक स्थिति तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। शिक्षा मित्र आकांक्षा शर्मा ने विभागीय अफसरों से न्याय नहीं मिलता देख महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है। उसने महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
इसमें आरोप लगाया है कि प्राथमिक विद्यालय में उसके साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है, पिछले दिनों यहां कुछ शिक्षक एक- दूसरे की उपिस्थिति चढ़ाकर बचाव करते रहते हैं। अधिकारियों के औचक निरीक्षण के लिए बगैर तारीख के आकस्मिक अवकाश छोड़ दिया जाता है। पिछले दिनों इस बात का विरोध किया तो स्कूल स्टाफ ने बोलचाल का तरीका बदल दिया। कुछ लोग लेटलतीफ शिक्षकों को जानबूझकर बचाने में लगे हैं। कुछ शिक्षक स्कूल के कार्यालय में सो जाते हैं, जिससे अध्ययनरत छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
विज्ञापन

16 नवंबर को उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दी गईं। मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया। 19 नवंबर को खंड शिक्षा अधिकारी एवं 20 नवंबर को बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायत सौपीं। इसके बाद 26 नवंबर को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया। अब उससे कहा जा रहा है कि वह राजीनामा कर लें, वरना उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। यदि उसके साथ कोई घटना होती है तो उसके लिए स्कूल के शिक्षक जिम्मेदार होंगे। उसने स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षरों की जांच कराने की मांग की है।
इस प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी बिरधा ने की है, उन्होंने जांच रिपोर्ट दी है। स्कूल के अध्यापकों का भी पक्ष सुना गया है। शीघ्र ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

- मनोज कुमार वर्मा
बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें