ललितपुर। कभी स्वदेशी भावना और सादगी का प्रतीक मानी जाने वाली खादी अब फैशन का नया अंदाज बन गई है। पहले खादी के कपड़े बुजुर्गों की पसंद हुआ करते थे, लेकिन आधुनिक डिजाइन और नए प्रयोगों के चलते अब युवाओं में भी इसका क्रेज बढ़ रहा है।
खादी के आधुनिकीकरण के बाद इसमें कई नए डिजाइन और वैरायटी शामिल की गई हैं। अब खादी में शर्ट, कुर्ता, लॉन्ग कुर्ती, कंबल, गमछा, शॉल, रजाई, बैडशीट, प्लाजो, एंकल लेंथ पैंट और लेडीज बंडी जैसे परिधान उपलब्ध हैं। यही वजह है कि खादी अब केवल पारंपरिक पहनावे तक सीमित नहीं रह गई है। युवा और महिलाएं भी इसे अपनी पसंद के अनुसार पहनते हैं।
शहर में प्रधान डाकघर के पीछे स्थित खादी आश्रम में गांधी जयंती के अवसर पर खादी के कपड़ों पर 20 फीसदी तक की विशेष छूट दी जा रही है। जानकारी देते हुए खादी आश्रम के कर्मचारी ने रामचरन झा ने बताया कि वर्तमान में कुर्ता पायजामा का कपड़ा 225 रुपये से लेकर 850 रुपये प्रति मीटर के भाव में उपलब्ध है। प्रतिवर्ष दामों में उतार-चढ़ाव होता रहता है। खादी के शौकीन लोग आते हैं और अपने मन पसंद के कपड़े लेकर जाते हैं।
खादी आश्रम पर चल रही 20 प्रतिशत की छूट
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर 20 प्रतिशत की छूट के चलते खरीदारी के लिए ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है। पहले की अपेक्षा खादी के कपड़ों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है। जनपद में प्रतिवर्ष लगभग 7 से 8 लाख रुपये की बिक्री आसानी से हो जाती है।