बांसी (ललितपुर)। डोल ग्यारस पर छह मंदिरों से सात विमान में विराजमान होकर भगवान जल विहार करने निकले और नगर भ्रमण के बाद मन तालाब पर जल विहार किया। इस दौरान भगवान के विमान छेड़ने (रोकने) की परंपरा है, जिसमें कोई भक्त विमान छेड़कर भगवान को अपने घर रोक सकता है। इसी परंपरा के तहत बुधवार को रामसहाय गुप्ता और बृहस्पतिवार को रमेश सुमन ने विमानों को छेड़ा। दो दिनों तक भक्तों के घर पर विराजकर भगवान निज धाम के लिए प्रस्थान कर गए। मंदिरों में विधि विधान से भगवान को उनके सिंहासन पर विराजमान कराया गया। संवाद
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भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ श्रीजी का जल विहार
महरौनी-गुढ़ा। ग्राम पंचायत गुढ़ा में चतुर्भुज मंदिर में विराजमान भगवान श्री हरि की शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हुए पूरे गांव में घरों के सामने से गुजरे तो लोगों ने आरती उतारकर प्रभु जी का भोग लगाया। श्रीजी गांव भ्रमण के बाद प्राचीन पीपल वाली कुइयां पर पहुंचे। वहां श्रीजी काे जल विहार कराया और पूजा अर्चना हुई। इस अवसर पर शिव शंकर द्विवेदी, राजा जू बुंदेला, बृजनंदन कौशिक, बृज किशोर द्विवेदी, अभिषेक अवस्थी, चंद्रशेखर खरे, रामजी द्विवेदी, राकेश अवस्थी, डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद