ललितपुर। नगर पालिका ने अभियान चलाकर बाजार से 39 किलो पॉलिथीन जब्त की। छापामार दल को देख दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई ने तो पॉलिथीन अंदर छिपा ली। बता दें कि अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में ‘पॉलिथीन ने रोका थैले का रास्ता’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद हरकत में आए पालिका प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से पॉलिथीन के इस्तेमाल पर रोक लगने के बावजूद इसका धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। इससे पर्यावरण और पशुओं को नुकसान पहुच रहा है। अमर उजाला के खबर प्रकाशित करने के बाद हरकत में आई नगर पालिका ने बृहस्पतिवार को अभियान चलाया। सुबह करीब 11 बजे सफाई निरीक्षक दिनेश बिरौनिया के नेतृत्व में छापामार दल ने घंटाघर के पास जूता चप्पल मार्केट से इसकी शुरुआत की। इस दौरान छापामार कार्रवाई ललित टाकीज, नझाई बाजार, सब्जी बाजार से होकर पानी की बड़ी टंकी तक की गई। इस कार्रवाई में करीब 39 किलो पॉलिथीन को जब्त किया गया। कई दुकानदारों ने तो छापामार कार्रवाई की सूचना पाकर पॉलिथीन को छिपा दिया। जब छापामार दल ऐसी दुकानों पर पहुंचा तो दुकानदारों ने पॉलिथीन के इस्तेमाल को सिरे से नकार दिया। उधर, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि पॉलिथीन पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
नहीं दिखे अन्य अधिकारी
नगर पालिका परिषद की छापामार कार्रवाई में कई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आए, जो चर्चा का विषय बना रहा। केवल सफाई निरीक्षक के भरोसे ही पूरी कार्रवाई चली।
पॉलीथिन का इस्तेमाल दुकानदार भी नहीं करना चाहते हैं। वहीं, ग्राहक घर से थैला लेकर नहीं निकलते हैं। मजबूरी में दुकानदारों को पॉलिथीन का उपयोग करना पड़ता है। यदि ग्राहक कपड़े का थैला साथ लाने लगे तो दुकानदार भी पॉलिथीन को कभी हाथ नहीं लगाएंगे।
- अजित कुमार जैन, फुटवियर दुकानदार
पॉलिथीन के इस्तेमाल से प्रकृति को बेहद नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, नालियां भी साफ नहीं रह पा रही हैं। जब तक लोग इसके प्रति जागरूक नहीं होंगे तब तक इस पर अंकुश लगाना मुश्किल काम है। नगर पालिका परिषद छापामार कार्रवाई के साथ व्यापक रूप में जागरूकता अभियान चलाए, जिससे कि लोग कपड़े के थैलों का इस्तेमाल दोबारा शुरू कर दें।
रामप्रकाश जैन, स्पोर्ट्स दुकानदार
पॉलिथीन को कूड़े के ढेर पर फेंकना नुकसानदायक है, तो उसे जलाना और भी घातक है। इसके इस्तेमाल से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। लोगों को पॉलिथीन के प्रति सोच बदलनी होगी, तभी इस पर अंकुश लग सकेगा।
रामसेवक साहू
दुकानदार
मध्य प्रदेश की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी पॉलिथीन के उत्पादन पर रोक लगना चाहिए। जब पॉलिथीन की बिक्री ही नहीं होगी तो इसका इस्तेमाल खुद ब खुद रुक जाएगा। वर्तमान में पॉलिथीन दुकानदारों को आसानी से उपलब्ध भी हो जाती है।
सुरेश कुशवाहा
दुकानदार