कार्यशाला में कानूनी जानकारी देते सामाजिक अधिवक्ता के सदस्य
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जनपद में शोषित और पीड़ित महिलाओं और बच्चों की मदद व संरक्षण के लिए जनपद में जन साहस समूह के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 50 सामाजिक अधिवक्ताओं की टीम तैयार की गई है, जो कानूनी मदद के साथ ही पीड़ितों के लिए संरक्षण देने का काम भी करेंगी। इसके लिए सामाजिक अधिवक्ताओं की एक तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें टीम के सदस्यों केे प्रशिक्षण दिया गया।
जन साहस समूह द्वारा इलाइट चौराहा स्थित एक होटल में आयोजित कार्यशाला में महिला हिंसा की रोकथाम पर चर्चा की गई। बताया गया कि समूह के सदस्यों को सामाजिक अधिवक्ता का नाम दिया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में पीड़ितों को कानूनी मदद, उनकी आर्थिक मदद, सामाजिक न्याय दिलाने में मदद करेंगे। यदि कोई पीड़ित महिला कोतवाली या न्यायालय या उचित फोरम पर नहीं पहुंच पाती है तो सामाजिक अधिवक्ता के सदस्य उस पीड़ित महिला की हर प्रकार से मदद करेंगे और उनकी समस्या को लिखवाकर उचित फोरम पर मुद्दा उठाने व कानूनी सहायता दिलाने में मदद करेंगे। यदि कोई पीड़ित महिला और शोषित बच्चा अनपढ़ है और उसे मदद की जरूरत है तो उक्त सामाजिक अधिवक्ता ऐसे लोगों के शिकायती पत्र भी लिखवाएंगे और कार्रवाई कराने में भी मदद करेंगे। आयोजित कार्यशाला में जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों से 50 पैरालीगल वालंटियर (पुरुष व महिला) को प्रशिक्षण किया गया। जन साहस के डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर मो. सद्दाम हुसेन ने यहां संविधान व कानून एक्ट के बारे में जानकारी दी, जिसमें महिलाओं को समानता का अधिकार व अपने कर्तव्य व सक्षम बनाने की क्षमता वर्धन को लेकर चर्चा की गई। यह भी बताया कि वह कैसे अपने क्षेत्र में लोगों के अधिकार को लेकर जागरूक कर सकें। जन साहस से विधि सलाहकार अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों से आए सामाजिक अधिवक्ताओं को कानूनी बारीकियों के बारे में बताया और समझाया कि किसी तरह से सही तथ्य और साक्ष्य पीड़ित को को न्याय दिलाने में मदद करते हैं और सूचना के अधिकार से संबंधित जानकारियां दी। कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार ने किया। संस्था में सहयोगी बृजलाल, रूपचंद, धीरेंद्र, राजेश, कुसुम, लक्ष्मी, प्रेमदास, अधिवक्ता शेर सिंह, अधिवक्ता स्वतंत्र व्यास, प्रसन्न कौशिक आदि उपस्थित रहे।