ललितपुर। तहसील बार एसोसिएशन मड़ावरा के अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर न्यायिक तहसीलदार पर आपत्ति, साक्ष्य, जिरह, बहस का अवसर दिए बिना आदेश पारित करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं ने बताया कि न्यायिक तहसीलदार अधिवक्ताओं से अभद्र व्यवहार करते हैं। अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हैं। इसके विरोध में शुक्रवार से उनके न्यायालय के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। अधिवक्ताओं ने बताया कि बीते 23 जून को उनके विरुद्ध ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। अधिवक्ताओं ने तहसील दिवस में भी पांच जुलाई को पुनः शिकायती पत्र दिया था, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शुक्रवार को ऑनलाइन मुआयना करने पर जानकारी हुई कि न्यायिक तहसीलदार मड़ावरा ने सभी पत्रावलियों में बगैर सुनवाई, साक्ष्य आपत्ति, प्रति आपत्ति एवं बहस के बगैर आदेश पारित किए हैं, जो न्यायिक दृष्टि से गलत एवं नियम विरुद्ध है। इससे वादकारियों का काफी अहित हुआ है। एसोसिएशन की बैठक में न्यायिक तहसीलदार द्वारा पारित आदेश वापस लेकर वाद पुनः कायम किए जाने की मांग की गई। ज्ञापन पर बार संघ मड़ावरा अध्यक्ष भरत सिंह लोधी, मंत्री कपिल देव दुबे, जगभान सिंह, प्रमोद कुमार चतुर्वेदी, रणवीर सिंह, रमेश चंद्र पाल, अजय सिंह, चिंतामन वर्मा, महेश परिहार, संतोष पटेल, रमेश चंद्र कुशवाहा, सुनील रजक आदि के हस्ताक्षर थे।