अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। वृंदावन धाम में सनातन संस्कार पाठशाला के पांच दिवसीय कार्यक्रम में योग व प्राकृतिक चिकित्सा प्रशिक्षण देने के लिए योगाचार्य अनुराग चतुर्वेदी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कंपनी बाग में चल रही योग कक्षा में साधकों ने योगाचार्य को फूलमाला पहनाकर उनकी उपलब्धियों पर खुशी जताते हुए उनके सेवा कार्यों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
योग कक्षा में योगाचार्य अनुराग चतुर्वेदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योग व प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। मानव शरीर पंचभूतों से मिलकर बना है। मिट्टी, जल, वायु, अग्नि व आकाश... इन पांच तत्वों का शरीर के सात चक्रों से संतुलन बना रहता है, तब शरीर स्वस्थ होता है और इन तत्वों के असंतुलन से शरीर रोगी हो जाता है। प्राकृतिक चिकित्सा में रोग की नहीं बल्कि पूरे शरीर की शुद्धि की जाती है। प्राकृतिक चिकित्सा एक ही समय में सभी तरह के पहलुओं जैसे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कमियों का उपचार करती है। उन्होंने जल नेति, रबर नेति, सूत्र नेति, कुंजल क्रिया, एनिमा, मिट्टी चिकित्सा, गर्म पट्टी, गीली पट्टी का प्रयोग, भाप स्नान, सूर्य स्नान, स्वेदन स्नेहन त्राटक क्रिया, उपवास चिकित्सा के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी।
मीडिया प्रभारी परशुराम साहू ने बताया कि योगाचार्य अनुराग चतुर्वेदी ने शिविर में योग व प्राकृतिक चिकित्सा के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उन्हें प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर युवा भारत के जिला प्रभारी व शैडो पावर ग्रुप के उपाध्यक्ष मुकेश कुमार साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।