जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने परिषदीय विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजित विद्यालयों की सूची जारी कर दी है और एक सप्ताह के भीतर समायोजित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। लेकिन विगत रोज सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापकों के पद पर समायोजन रद कर दिया है, इससे सरप्लस शिक्षकों का समायोजन भी प्रभावित हो गया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शासन को सरप्लस शिक्षकों के समायोजन प्रक्रिया में यू-र्टन लेना पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन रद कर दिया है। इससे विगत रोज परिषदीय विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन पर भी असर पड़ गया है। जनपद में लगभग 1,200 शिक्षामित्र ऐसे थे तो समायोजन के बाद सहायक अध्यापक बन गए थे। जब जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने सरप्लस शिक्षकों की सूची तैयार की थी, तो इन समायोजित शिक्षामित्रों को भी सहायक शिक्षकों की गिनती में गिना गया था। बीते सप्ताह जनपद के 130 सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया गया है। जिला स्थानांतरण समिति ने सरप्लस शिक्षकों की नवीन तैनाती के लिए समायोजित विद्यालयों की सूची जारी कर दी है और शिक्षकों को एक सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरप्लस शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया पर काफी असर पढ़ गया है। इससे लगभग 1,200 सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हो गए हैं, जिन पर शिक्षामित्रों को समायोजित किया गया था। वर्तमान में ऐसे अनेकों विद्यालय हैं, जो शिक्षक विहीन हो गए हैं, क्योंकि वहां पर केवल समायोजित शिक्षामित्र ही तैनात थे और उन्हीं के पास प्रधानाध्यापक का भी प्रभार था। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन व शासन को सरप्लस शिक्षकों का समायोजन भी रद करना पड़ सकता है।
विद्यालयों में शैक्षिक कार्य हो रहा प्रभावित
परिषदीय विद्यालयों में वैसे भी शिक्षकों की काफी कमी है। ऐसे में शिक्षामित्रों का समायोजन रद हो जाने के कारण एक साथ जनपद के 1,200 शिक्षक कम हो गए हैं। इससे विद्यालयों में शैक्षिक कार्य बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में ऐसे दर्जनों विद्यालय है, जहां पर केवल समायोजित शिक्षामित्र ही तैनात थे। अब ऐसे विद्यालय तो पूरी तरह से शिक्षक विहीन हो गए हैं। इसके अलावा कुछ विद्यालय ऐसे भी है, जहां पर प्रधानाध्यापक नहीं है तो वहां प्रधानाध्यापक का चार्ज भी इन्हीं समायोजित शिक्षामित्रों के पास था। इससे विद्यालयों का शैक्षिक कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो गया है।
सरप्लस शिक्षकों की समायोजित विद्यालयों की सूची जारी कर दी है। शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने से जनपद ही नहीं बल्कि प्रदेश में फर्क पड़ा है। सरप्लस शिक्षकों का समायोजन रद करना है या नहीं यह तो शासनादेश के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।