संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर एल्डर्स कमेटी और जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियाें के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। अब एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष जीवनधर लाल जैन ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र लिखकर संगठन के निर्देशों के विपरीत कार्य करने पर बार काउंसिल को अवगत कराते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करवाने की चेतावनी दी है।
जीवनधर लाल जैन ने अब खुद को एल्डर्स कमेटी का अध्यक्ष बताते हुए अपने पत्र में कहा है कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव ने उनके 18 जून के पत्र की विषय-वस्तु को जानबूझकर अनदेखा करते हुए मनमाना जवाब दिया है, जो संगठन विरोधी आचरण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जवाब में 22 मार्च को वरिष्ठता क्रम के आधार पर 20 सदस्यों को पत्र जारी किए जाने का उल्लेख किया गया है, जबकि उन्हें ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ।
उन्होंने दावा किया कि मॉडल बायलॉज में इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही पदाधिकारियों को ऐसा अधिकार प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि उन पर बार काउंसिल को भ्रामक जानकारी देने का लगाया गया आरोप निराधार है और यह पदाधिकारियों द्वारा किए गए कथित अवैध एवं नियम विरुद्ध कार्यों को छिपाने का प्रयास है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अध्यक्ष और सचिव द्वारा 16 अप्रैल को बार काउंसिल को भेजे गए पत्र तथा उसके साथ संलग्न प्रपत्रों की जानकारी न तो उन्हें दी गई और न ही सदन के समक्ष रखी गई। इसके बावजूद पदाधिकारियों ने बार काउंसिल से कोई स्पष्ट जवाब प्राप्त किए बिना अपनी कार्रवाई को उचित मान लिया।
जैन ने कहा कि उन्होंने 18 जून के पत्र के माध्यम से बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के नौ अप्रैल के पत्र के अनुपालन में अपनाई गई प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए सदन की बैठक बुलाने का अनुरोध किया था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारी लगातार बायलॉज के प्रावधानों की अनदेखी कर संगठन की छवि धूमिल कर रहे हैं। चेतावनी दी कि यदि 18 जून के पत्र के संबंध में तत्काल सदन की बैठक नहीं बुलाई जाती है तो वह संगठन के दिशा-निर्देशों के विपरीत किए गए कार्यों से बार काउंसिल को अवगत कराते हुए संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करेंगे। साथ ही अन्य न्यायिक उपाय अपनाने की बात भी कही।