- मेडिकल परीक्षण में उपचार करने वाला डॉक्टर नशे में होने की हो चुकी है पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-बांसी। ब्लॉक जखौरा अंतर्गत कस्बा बांसी में इंजेक्शन के आधा घंटे बाद बच्ची की मौत के मामले में तीन दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी है, जबकि परिजनों द्वारा लगाए गए शराब के नशे में उपचार करने के आरोप की पुष्टि चिकित्सीय परीक्षण में हो चुका है। मामले में पुलिस व आयुर्वेदिक यूनानी विभाग एक-दूसरे पर टालते हुए बचते नजर आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई होगी। वहीं, आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी का कहना है कि पुलिस को कार्रवाई करना है। इससे बच्ची की मौत का मामला गुम होता नजर आ रहा है।
नौ सितंबर को कस्बा बांसी निवासी दीपक झा अपनी पांच वर्षीय पुत्री को बुखार होने पर दिव्यांशी क्लीनिक पर सुबह साढ़े सात बजे उपचार को ले गया था। जहां पर चिकित्सक ने इंजेक्शन लगाकर दवा दी और घर जाने के लिए कह दिया था। घर पहुंचते ही पुत्री की हालत खराब होने पर आठ बजे दोबारा क्लीनिक पहुंचा, जहां पर बच्ची की मौत हो गई थी। पिता समेत परिजनों ने चिकित्सक पर नशे में इंजेक्शन लगाने व गलत दवा करने के आरोप लगाए थे। मामले में अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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जांच रिपोर्ट में पुष्टि के बाद भी नहीं हो सकी कार्रवाई
नौ सितंबर को पुलिस ने परिजनों के आरोप पर इलाज करने वाले चिकित्सक का परीक्षण कराया गया था, जिसकी जांच में चिकित्सक शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई थी। इसकी रिपोर्ट आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी व पुलिस को दी गई थी। लेकिन, तीन दिन बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आयुर्वेदिक अधिकारी का कहना है कि शराब के नशे में होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस को कार्रवाई करना है।
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मृतक बच्ची के मामले में परिजनों का समझौता बना चर्चा का विषय
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने क्लीनिक का घेरावकर नारेबाजी की और आरोपी चिकित्सक के खिलाफ पुलिस को लिखित प्रार्थनापत्र भी दिया लेकिन बच्ची के अंतिम संस्कार के बाद परिजनों का आरोपी से समझौता होने का मामला कस्बा में चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर थाना प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद ने कहा था कि तहरीर मिलने पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा लेकिन परिजन ने थाना पुलिस को तहरीर भी नहीं दी। चौकी प्रभारी अभिषेक पवार ने बताया कि बच्ची के परिजनों का आरोपी डॉक्टर से समझौता हो गया है, अब वह कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं।
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मामले में तीन सदस्यीय चिकित्सकाें की टीम द्वारा जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सक के नशे में होने पर पुलिस को कार्रवाई करना है। -डॉ. अर्जुनलाल, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी