ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों के स्वास्थ्य का डाटा एक क्लिक में उपलब्ध होगा। यहां आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा। इससे मरीजों को इलाज के लिए अपने दस्तावेज साथ लाने की आवश्यकता नहीं होगी।
मेडिकल कॉलेज में पंजीयन काउंटर, ओपीडी, इमरजेंसी, ऑपरेशन, पैथोलॉजी, दवा काउंटर, भर्ती और डिस्चार्ज जैसी सभी सुविधाओं को एक लिंक से जोड़ा जा रहा है। इससे आने वाले प्रत्येक मरीज का ई-स्वास्थ्य डाटा तैयार होगा। चिकित्सक मरीज की बीमारी, दवाओं और जांच से संबंधित डाटा आईडी पर अपलोड करेंगे। दवा की जरूरत होने पर मरीज को मेडिकल स्टोर पर पर्चा दिखाने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ आईडी नंबर बताकर ही दवा प्राप्त की जा सकेगी। रोगी को बीमारी संबंधी रिकॉर्ड के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। एक क्लिक में रोगी की पूर्व में कराई गई जांच और उपचार की पूरी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखेगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज गजेंद्र सिंह ने बताया कि इससे उपचार में सुविधा होगी और दस्तावेज लेकर भटकना नहीं पड़ेगा।
आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया
मेडिकल कॉलेज में मरीज को पंजीयन काउंटर पर मोबाइल नंबर और आधार कार्ड साथ लाना होगा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) योजना के अंतर्गत प्रत्येक मरीज की आभा आईडी तैयार की जाएगी। आईडी बनने के साथ ही मरीज का पंजीयन भी किया जाएगा। इससे चिकित्सक मरीज का स्वास्थ्य डाटा आईडी पर आसानी से अपलोड कर सकेंगे।
आभा आईडी क्या है
आभा आईडी का पूरा नाम आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट कार्ड है। यह एक डिजिटल कार्ड होता है, जिसमें मरीज का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इसमें बीमारी, चिकित्सक का विवरण, जांचें, जांच रिपोर्ट, ली गई दवाएं और भर्ती-डिस्चार्ज की जानकारी उपलब्ध होगी। यह यूनिक आईडी आधार कार्ड से लिंक होगी, जिससे इलाज संबंधी कागजात साथ रखने की जरूरत नहीं होगी।