ललितपुर। आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध में आक्रोश मशाल यात्रा निकाली। उन्होंने आपातकाल (1975-1977) भारत के इतिहास का एक काला अध्याय बताते हुए कहा कि यह वह समय था जब लोकतंत्र के सभी मूल्यों को कुचल दिया गया।
इस दौरान नागरिक स्वतंत्रता छीन ली गई, प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई। सरकार के विरुद्ध लिखने वाले पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया। विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इसे संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाते हुए मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस नझाई बाजार स्थित परिषद कार्यालय छात्र शक्ति भवन से उठकर, सावरकर चौक होते हुए घंटाघर पर समाप्त हुआ। इस अवसर पर हरिओम जायसवाल, निधि राजपूत, साहिल गौतम, अभिषेक कुशवाहा, सौरभ कुशवाहा, हिमाचल राजा, धनंजय दुबे, कुलदीप, आदित्य प्रताप सिंह, राहुल कुशवाहा, हर्ष गोस्वामी मौजूद रहे।