संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यहां के बांधों की पूरे देश में पहचान है। कुल 14 बांध परियोजनाओं के पानी से फसलों की सिंचाई और पेयजल की आपूर्ति होती है। वर्तमान में बांधों में भरपूर पानी है। उम्मीद है कि गर्मी के सीजन में भी बांधों पर निर्भर पाइप पेयजल योजना को भरपूर पानी मिलेगा।
जनपद में 3.17 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें 2.28 लाख हेक्टेयर सिंचित है। अधिकांश भूमि 14 बांध परियोजनाएं गोविंद सागर, शहजाद, जामनी, सजनाम, रोहिणी, उटारी, राजघाट, माताटीला, कचनौंदा, लोअर रोहिणी, जमरार, भावनी, बंडई और भौंरट बांध से निकली नहर परियोजना से सिंचित की जाती है। इसके साथ आधा दर्जन से अधिक बांधों से ग्रामीण, शहरी व नगरीय क्षेत्र को पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है, जिसके लिए पंप हाउस बने हैं। गर्मी का मौसम आते ही पेयजल का संकट गहरा जाता है, लेकिन इस वर्ष इससे मुक्ति मिलने की उम्मीद है। कारण, सभी बांधों में भरपूर पानी है। हालांकि, यह दावा सिंचाई विभाग के अधिकारियों का है। अब गर्मी में लोगों को सिंचाई और पेयजल की कितनी उत्तम सुविधा मिल पाएगी, दो-तीन महीने में यह भी स्थिति साफ हो जाएगी।
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बांध का नाम - पूर्ण जलस्तर - न्यूनतम जलस्तर - वर्तमान जलस्तर
गोविंद सागर - 363.93 मी. - 357.83 मी. - 361.34 मी.
शहजाद - 321.00 मी. - 310.50 मी. - 319.35 मी.
जामनी - 403.55 मी. - 396.39 मी. - 398.73 मी.
सजनाम - 373.20 मी. - 367.20 मी. - 370.64 मी.
रोहिणी - 396.39 मी. - 393.00 मी. - 394.20 मी.
उटारी - 326.80 मी. - 322.80 मी. - 324.45 मी.
राजघाट - 371.00 मी. - 356.62 मी. - 365.30 मी.
माताटीला - 308.46 मी. - 295.66 मी. - 304.07 मी.
कचनौंदा - 341.70 मी. - 334.75 मी. - 341.30 मी.
लोअर रोहिणी - 368.00 मी. - 363.00 मी. - 366.05 मी.
जमरार - 368.00 मी. - 363.35 मी. - 367.00 मी.
भावनी - 312.38 मी. - 309.64 मी. - 312.02 मी.
बंडई - 403.50 मी. - 397.00 मी. - 400.45 मी.
भौंरट - 360.90 मी. - 354.55 मी. - निर्माणाधीन
नमामि गंगे परियोजना को 11 बांधों से जोड़ा गया
नमामि गंगे योजना के तहत हर घर जल नल पाइप पेयजल परियोजना के तहत पाइप लाइन बिछाई जा रही है। यहां के 11 बांधों को इस परियोजना से जोड़ा गया है, जिसमें राजघाट, कचनौंदा, जमरार, लोअर रोहिणी, रोहिणी, भौंरट, शहजाद, जामनी, सजनाम, भावनी, बंडई शामिल हैं। इन सभी बांधों से निर्धारित मात्रा में नमामि गंगा योजना के लिए पानी लिया जाएगा।
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सभी बांधों में वर्तमान में पर्याप्त पानी है। गर्मी के मौसम में पेयजल के लिए संकट नहीं आएगा और पाइप पेयजल परियोजना के लिए पानी मिलता रहेगा।
इं. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड