ललितपुर। इंदौर के व्यापारी का पुत्र रविवार की सुबह अपनी सूझबूझ के कारण जिला अस्पताल में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूट गया। इसके बाद बदमाश अपहृत की कार लेकर भागने में सफल रहे। कोतवाली पुलिस के साथ मध्य प्रदेश पुलिस ने भी यहां डेरा डाल लिया है।
मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी व्यापारी सूर्या वासवानी की फ्रेम मैन्युफेक्चरिंग की फैक्ट्रियां हैं। उनके साथ पुत्र जतिन भी फैक्ट्री का कामकाज देखता है। जतिन को अपने एक साथी से 15 हजार रुपये चाहिए थे, जिसके लिए वह काफी दिनों से तगादा कर रहा था। शनिवार की सुबह जतिन को रुपये देने के बहाने देवास बुलाया गया। जतिन अपनी कार लेकर देवास पहुंचा, जहां मौजूद साथी चार अन्य लोगों के साथ उसकी कार में सवार हो गए और रुपए देने की बात कहते हुए आगे चल पड़े। सुनसान इलाका देख कार में सवार चार अन्य लोगों ने जतिन को चाकू की नोंक पर पीछे बैठाकर कार पर कब्जा कर लिया।
सीहोर आने पर जतिन का साथी नीचे उतर गया और चार बदमाश जतिन को लेकर ललितपुर की ओर रवाना हो गए। इस दौरान जतिन को मुंह खोलने पर धमकाया गया। देर रात चारों लोग जतिन को तालबेहट क्षेत्र के एक परिवार में ले जाया गया, जहां चारों बदमाशों ने गृहस्वामी को जतिन को अपना दोस्त बताया। देर रात बदमाशों ने शराब पी ली। नशे की हालत में एक साथी छत के नीचे गिर गया। सुबह लगभग चार बजे बदमाश जतिन सहित घायल साथी को कार से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी कक्ष के निकट जतिन मौका पाकर बदमाशों के चंगुल से छूट निकला और जिला महिला अस्पताल की ओर दौड़ लगा दी। साथ ही वह चिल्लाया भी कि इन लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है। महिला अस्पताल में मौजूद लोगों ने यह माजरा देखा तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल पर फोन करके दी। वहीं, दूसरी ओर मौका देख चारों बदमाश जतिन की कार लेकर भाग निकले। कंट्रोल रूम से घटना की सूचना पाकर कोतवाली पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर जतिन को अपने कब्जे में ले लिया तथा उसके परिजनों को घटनाक्रम की जानकारी दी।
दोपहर बाद सूर्या वासवानी मध्य प्रदेश पुलिस के साथ कोतवाली सदर पहुंचे। जतिन ने अपने पिता को बताया कि बदमाश फिरौती वसूली की योजना तैयार कर रहे थे, लेकिन वह अस्पताल में मौका पाकर भाग निकला। व्यापारी के साथ कोतवाली आए मध्य प्रदेश पुलिस टीआई एनएस बघेल का कहना है कि इंदौर थाने में सूर्या वासवानी की शिकायत पर जतिन की कार समेत गुमशुदगी दर्ज है।
बचपन के साथी ने बनाई अपहरण की योजना
जतिन के अनुसार जिसने उसे रुपये देने के लिए बुलाया था, वह उसके बचपन का साथी है। साथी ने बदमाशों के साथ मिलकर फिरौती के लिए अपहरण की योजना तैयार की थी। इतना ही नहीं, पिता सूर्या वासवानी का कहना है कि जतिन के गायब होने के बाद से ही साथी उसके घर पर लगातार फोन करके जतिन के बारे में पूछता रहा।
स्थानीय बदमाशों की है संलिप्तता!
तालबेहट क्षेत्र के जिस मकान में जतिन को ठहराया गया, वह बदमाशों के नजदीकी का है। जतिन का कहना है कि चारों लोग लोकल के ही प्रतीत हो रहे हैं। सामने आने पर वह उन्हें पहचान भी सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिले से काफी लोग इंदौर की फैक्ट्रियों में काम करते हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि जतिन के साथी ने इस काम के लिए स्थानीय मजदूरों को चुना होगा।
सीसीटीवी कैमरों से मिल सकती है सहायता
जिला अस्पताल के मुख्य द्वार के ऊपर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। इमरजेंसी कक्ष में कैमरा है, यदि सुबह कैमरे क्रियाशील रहे होंगे तो बदमाशों के फुटेज उनमें कैद हो सकते हैं, जिससे पुलिस को बदमाशों का पता लगाने में सहायता मिल सकती है।