झांसी व भोपाल तक यात्रा करने वाले रेल
यात्रियों के लिए ट्रेनों का सफर करना एक महीने के लिए राहत भरा दिखाई नहीं
दे रहा है। बीते बुधवार की सुबह इटारसी रेलवे स्टेशन पर रूट रेलवे
इंटरलाकिंग में आग लगने से पूरा पैनल जलकर नष्ट हो गया था, जिसके चलते पांच
दिन से ट्रेनों के आवागमन में काफी दिक्कत चल रही है। कई ट्रेनें रद कर की
गई हैं तो बहुत सी गाड़ियाें को रूट बदलकर मालखेड़ी से होते हुए जबलपुर
रूट से निकाला जा रहा है। वहीं, कुछ ट्रेनों को इंदौर-नागदा रेल मार्ग से
चलाया जा रहा है। जबकि, कुछ ट्रेनों को मथुरा जंक्शन से ही रेल रूट बदल
दिया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार ऐसी स्थिति लगातार एक महीने तक
रहने वाली है। रेलवे द्वारा इटारसी रेलवे स्टेशन पर फिर से दूसरा
इंटरलाकिंग सिस्टम का निर्माण किया जा रहा है, इसका जिम्मा एक प्राइवेट
एजेंसी को दिया गया है, जिसके निर्माण में करीब एक माह का समय लग सकता है।
इंटरलाकिंग
सिस्टम में आग लगने से रेल यात्रियों को असुविधा हो रही है। यदि ललितपुर
से बीना या भोपाल तक रेल यात्रा की बात की जाए तो यात्रियों को दिन भर
ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है। उक्त रूट पर दिन भर में मात्र दो से तीन
ट्रेनें ही संचालित हो पा रही हैं। जबकि, भोपाल से ललितपुर आने के लिए देर
शाम तक मात्र मालवा व सदर्न एक्सप्रेस चलाई जा रही है। कोई रेल यात्री
पंजाब, दिल्ली, कानपुर या फिर गोरखपुर से किसी ट्रेन से झांसी या फिर
ललितपुर तक तो आ जाता है, लेकिन उक्त ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन होने से वह
आगे जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। इसके चलते बहुत से यात्री
ललितपुर रेलवे स्टेशन पर उतरकर फिर से वापस लौट रहे हैं। ऐसे में रेलवे
स्टेशन के प्लेटफार्म व मुसाफिरखाने में यात्रियों का जमावड़ा लगा हुआ है।