ग्रीष्मकालीन अवकाश का लुत्फ उठाकर लौट रहे शिक्षकों के लिए नया शैक्षिक सत्र आसान नहीं है। शिक्षकों की हर गतिविधि पर अब सीएम कार्यालय की नजर रहेगी। यही नहीं, गुरुजी के मोबाइल पर सीएम कार्यालय से फोन आएगा। इस दौरान शिक्षक की लोकेशन सहित विद्यालय में उपस्थित छात्रों की उपस्थिति व अन्य बिंदुओं की जानकारी ली जाएगी। शासन ने जनपद के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के नंबरों की सूची बीएसए से मांगी है।
परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में योगी सरकार ने हाल ही में यह निर्णय लिया है कि अब मुख्यमंत्री कार्यालय से हर रोज सभी जनपदों के किसी भी परिषदीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक को फोन किया जाएगा। प्रधानाध्यापक से विद्यालय में उस दिन बच्चों की उपस्थिति का ब्योरा लिया जाएगा और इसके साथ ही मिड-डे मील में कितने बच्चों ने खाना खाया और क्या बनाया गया है, इस बारे में भी बच्चों से पूछताछ होगी। ऐसा होने से प्रधानाध्यापक फोन में गलत जानकारी नहीं दे पाएंगे और उनके द्वारा दी गई जानकारियों का सत्यापन भी हो जाएगा। शासन की मंशा है कि ऐसा होने से शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा।
प्रधानाध्यापक समेत सभी शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचेंगे और समय से पहले विद्यालय बंद करके घर भी नहीं भाग सकेंगे। इसके साथ ही एमडीएम में भी फैली अनियमितताओं पर कुछ हद तक अंकुश भी लग सकेगा। इस नीति के क्रीयान्वयन के लिए शासन ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों से सभी परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सभी प्रधानाध्यापकों के मोबाइल नंबरों की सूची मांगी है। इसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम ने भी समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के मोबाइल नंबर की सूची जल्द से जल्द कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
पहले भी ली जाती थी शिक्षकों की लोकेशन
मंडल के पूर्व मंडलायुक्त के मोहन राव द्वारा यह व्यवस्था लागू की गई कि सभी विभागों के अधिकारी हर रोज कम से कम अपने पांच कर्मियों की मोबाइल पर लोकेशन लेंगे। इसी के क्रम में सहायक शिक्षा निर्देशक झांसी के निर्देशन पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व समस्त खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के कम से कम पांच शिक्षकों को फोन करके उनकी लोकेशन लेते थे और इसके साथ ही अन्य किसी व्यक्ति या बच्चे से उसका मौके पर ही सत्यापन भी कराया जाता था। इससे काफी हद तक व्यवस्थाओं में सुधार आया था। नए मंडलायुक्त के बाद वर्तमान में यह व्यवस्था अपने-अपने आप ही खत्म हो गई है।
एकत्रित की जा रही है सूची
समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के सभी परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के मोबाइल नंबर की सूची मांगी गई है। सूची एकत्रित की जा रही है, जल्द ही शासन को भेज दी जाएगी।
- मायाराम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।