भाई ने विपक्षी पर रजिस्ट्री के रुपये देने के बहाने घर बुलाकर शराब में जहर या गला दबाकर मारने का लगाया आरोप
थाना नाराहट के ग्राम सिंगरवारा में हुई घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। संदिग्ध परिस्थिति में थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम सिंगरवारा निवासी बालकदास (35) की मौत हो गई। वह गांव के ही एक व्यक्ति के घर में मृतावस्था में मिला। मृतक के भाई ने विपक्षी पर जमीन रजिस्ट्री के रुपये देने के बहाने घर बुलाकर शराब में जहर या गला दबाकर मार डालने की आशंका जताई है।
मृतक के भाई आशाराम ने बताया कि उसके भाई बालकदास ने गांव के ही एक व्यक्ति को अपने हिस्से की 1:32 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री की थी। इसकी जानकारी परिवार के लोगों को नहीं थी। करीब 5-6 दिन पूर्व उसका भाई जो हरियाणा में काम करता था, घर आया था। मड़ावरा में एक रिश्तेदार के यहां रुका था। 30 अक्तूबर को बालकदास जमीन रजिस्ट्री का बकाया 1.80 लाख रुपये लेने के लिए ग्राम सिंगरवारा विपक्षी के घर पहुंचा था। रात करीब 8 बजे जानकारी हुई कि उसके भाई बालकदास की मौत विपक्षी के घर हो गई है।
इस पर उसके साथ अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो बालकदास मृतावस्था में था। विपक्षी ने बताया कि बालकदास के साथ वह घर पर बैठा था। शराब पार्टी चल रही थी। इसी बीच बालकदास की मौत हो गई। आशाराम ने बताया कि इसके बाद 31 अक्तूबर को गांव में पंचायत हुई। इसमें दो गांव के लोग जुटे थे। उसने थाना नाराहट पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक तीन भाई-तीन बहनों में छोटा था। उसकी पत्नी की मौत शादी के करीब डेढ़ वर्ष बाद हो गई थी। इसके बाद वह हरियाणा में काम करने चला गया था।
पोस्टमार्टम सूत्रों के अनुसार, युवक की मौत का कारण स्पष्ट न होने के चलते बिसरा को सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिया गया है। अब बिसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण का पता चलेगा। सीओ पाली सुनील भारद्वाज ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता चलेगा। घटना की जांच की जा रही है।
वरासत में मिली थी जमीन
मृतक बालकदास तीन भाई थे। करीब 10 वर्ष पूर्व बालकदास के पिता बरजोरे की मौत हो गई थी। इसके बाद बरजोरे के नाम की जमीन तीनों पुत्रों के नाम बराबर-बराबर आ गई थी। इसमें बालकदास के हिस्से में भी 1:32 एकड़ जमीन आई थी।