संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर/बिरधा। गांव से शराब की दुकान हटाने की मांग करते हुए एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस उसे समझा-बुझा ही रही थी कि गांव वालों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जाम लगा दिया। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। वहीं, कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर युवक चार घंटे बाद टावर से नीचे उतरा।
तहसील पाली में पटऊआ के लोग गांव से शराब की दुकान हटाने की मांग काफी समय से कर रहे हैं। जिलाधिकारी से लेकर अन्य अधिकारियों को ज्ञापन भी दे चुके हैं, लेकिन न शराब की दुकान बंद हुई, न ही स्थानांतरित हुई। इससे गांव के लोगों में आक्रोश था। शुक्रवार सुबह गांव का 20 वर्षीय प्रहलाद यहां स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक के टावर पर चढ़ जाने से गांव में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने प्रहलाद को टावर से उतरने को कहा। लेकिन, वह नहीं माना और गांव से शराब की दुकान हटाने की मांग करता रहा।
प्रहलाद का कहना था कि उसके भाई का पांच महीने पहले शराब पीकर हाईवे पर एक्सीडेंट हो गया था। इस कारण गांव से शराब की दुकान हटाई जाए। पुलिस मौके पर पहुंची और प्रहलाद को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। इसी दौरान गांव की सैकड़ों महिलाएं भी वहां आ गईं और देसी शराब की दुकान हटाने की मांग करने लगीं। आक्रोशित महिलाओं ने गांव से गुजरे झांसी-सागर नेशनल हाईवे-44 पर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। क्षेत्राधिकारी पाली सुनील भारद्वाज और थाना पाली पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने गांव वालों को समझाकर जाम खुलवाया। उपजिलाधिकारी पाली सैयद सानिया भी पहुंचीं। उन्होंने टावर पर चढ़े प्रहलाद को शराब की दुकान हटाने का आश्वासन दिया।
पटऊआ की महिलाओं ने कई बार मुख्यालय पर किया था प्रदर्शन
गांव से शराब की दुकान हटाने के लिए पटऊआ की महिलाओं ने कई बार जिला मुख्यालय आकर प्रदर्शन किया था। जिलाधिकारी से लेकर आबकारी विभाग तक को ज्ञापन दिया था। लेकिन, हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला। गांव से न ठेका हटाया गया न ही उसे स्थानांतरित किया गया।
दो माह में दो दर्जन गांव के लोग कर चुके ठेका हटाने की मांग
गांव-गांव शराब बिकने और इससे घर-परिवार बर्बाद हाेने को लेकर लोग जागरूक हैं। वह शराब की दुकानाें को हटाने की मांग करने लगे हैं। पिछले दो माह के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो करीब दो दर्जन गांव के लोग अलग-अलग तिथियों में जिला मुख्यालय पर जाकर शराब की दुकान हटाने की मांग कर चुके हैं। आबकारी विभाग ने इन गांव वालों को मार्च के बाद दुकान हटाने का आश्वासन दिया था। हाल में हुई शराब की दुकान की लॉटरी के बाद आवंटन की प्रक्रिया पूरी हुई थी। अब ठेकेदार गांवों में पुन: शराब की दुकान खोलने में जुट गए हैं।
कड़ी मशक्कत के बाद युवक को टावर से उतारा गया। ग्रामीणों को शराब की दुकान अन्य जगह शिफ्ट कराने का आश्वासन दिया है।
- सुनील भारद्वाज, क्षेत्राधिकारी पाली