- शासन की मंजूरी के बाद जिला प्रशासन ने स्वयंसेवी संस्थाओं व कृषि संगठनों से मांगे आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला प्रशासन अभिनव प्रयोग करने जा रहा है, जिले की नवनिर्मित पांच गोवंश आश्रय स्थलों को गैर सरकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं को देने का निर्णय लिया है। इसके लिए आवेदन मांग जा रहे हैं। शासन की अनुमति के बाद जिला प्रशासन ने कार्ययोजना तैयार की है। एक गोवंश आश्रयस्थल पर 400 गोवंशों को संरक्षित किया जाएगा।
जनपद में पांच गोवंश आश्रयस्थल का नवनिर्माण हुआ है, यह गोवंश आश्रयस्थल ग्राम बानपुर, कालापहाड़, बिजरौठा, ठनगना व टोरिया बनाए गए हैं। जिला प्रशासन ने निजी संस्थाओं को संचालन के लिए इसकी कार्ययोजना तैयारकर शासन को भेजी थी। शासन की अनुमति के बाद गैर सरकारी संगठन, समितियों, कृषक संगठनों, समाजसेवी संस्थाएं से आवेदन मांगे हैं। इसके वह अपने आवेदन व गोसंरक्षण के अनुभव सहित अपना आवेदन विकास भवन में पशुपालन विभाग में आठ दिसंबर तक जमा कर सकते हैं। इसका चयन जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति किया जा रहा है। इससे बड़े गो आश्रयस्थल के संचालन के लिए जिसमें दो से तीन हजार गोवंश हैं, जिनमें चारागाह भूमि काे जोड़ते हुए, संचालन और भरण पोषण का मॉडल तैयार करने के विचार किया जा रहा है। गोवंश आश्रयस्थल में श्रमिकों, मरम्मत, बिजली व अन्य सामग्री क्रय करने के लिए समिति को खर्चा वहन करना होगा। इसमें 50 रुपया प्रतिगोवंश के लिए भरणपोषण को प्रतिदिन दिया जाएगा। इस संबंध मेंं मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान ने बताया कि पांच नवनिर्मित गोवंश आश्रयस्थल का निजी संस्थाओं को देने का निर्णय लिया गया है।