संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर के चार मोहल्लाें की लगभग 20 हजार की आबादी गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। लगभग एक सप्ताह से नलों में गंदा पानी आ रहा है। ऐसे में बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
नगर में नेहरूनगर, चांदमारी, सिद्दनपुरा, जुगपुरा में लगभग 44.24 करोड़ की परियोजना से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2023 में पेयजल आपूर्ति की टेस्टिंग शुरू हो गई थी। वर्तमान में लगभग 20 हजार से अधिक की आबादी को पेयजल आपूर्ति हो रही है। लेकिन, परियोजना को दो वर्ष भी पूरे नहीं हुए और नलों में गंदा पानी आ रहा है। ऐसे में लोगों को पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। नलों से आ रहे पानी का अधिकांश लोग उपयोग मात्र ही कर रहे हैं। पीने के लिए पानी अन्य संसाधनों से जुटाना पड़ रहा है। वर्तमान में हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है। इससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। ऐसे में कुछ लोग मजबूरी में ही गंदा पानी पी रहे हैं। इससे बीमारियों के पनपने का खतरा बना हुआ है। वहीं कई लोग अधिक दूरी पर लगे हैंडपंप से पीने के लिए पानी जुटा रहे हैं। इससे रोष पनप रहा है।