संवाद न्यूज एजेंसी
पाली। अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर चौरसिया समाज के तत्वावधान में नवकुंडात्मक श्रीराम यज्ञ का आयोजन नीलकंठेश्वर मंदिर परिसर में ढवुआ आश्रम में किया जा रहा है। शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्ण आहुति हुई।
कथाव्यास हेमलता ने कहा कि संस्कार से ही व्यक्ति महान होता है। राशि एक होने से कुछ नहीं होता। भगवान राम और रावण दोनों की राशि एक ही थी, लेकिन रावण अपने कर्मों के कारण राक्षस बना। आज भी उसके पुतले जलाए जाते हैं। रावण वह है, जो दूसरों को रुलाता है। रामजी वह हैं, जो दीन दुखियों के आंसू पोछते हैं। इस दौरान नंदकिशोर चौरसिया, बिहारी चौरसिया, जयपुर, रामकुमार चौरसिया, नंदकिशोर सोनी, पुनीत चौरसिया, कमलेश चौरसिया, खेमचंद चौरसिया, विनय चौरसिया, भरत चौरसिया, नीरज राही, पुष्पेंद्र चौरसिया, घनश्याम चौरसिया, पुरुषोत्तम चौरसिया, श्याम लाल चौरसिया आदि मौजूद रहे।