संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्रशासन, पुलिस, वन और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। एसडीएम, सीओ, वन रेंजर और खनन विभाग के अधिकारियों की टीम ने खांदी और बलरगुवा में खनन के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही खनन माफिया को इसकी भनक लग गई और मौके से वाहन व लोग गायब मिले। टीम ने दोनों स्थानों पर अवैध खनन की स्थिति का आकलन करने के साथ स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इसी दौरान पूराकलां मार्ग पर बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर चालक से बालू से संबंधित प्रपत्र मांगे गए, लेकिन वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कोतवाली में खड़ा करा दिया।
बृहस्पतिवार को एसडीएम अभिजीत सिंह, सीओ आशीष कुमार मिश्रा, रेंजर बृजेंद्र सिंह और खनन निरीक्षक की संयुक्त टीम ने पहले ग्राम सभा खांदी में दबिश दी। इसके बाद थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम बलरगुवा में पहुंचकर अवैध खनन की स्थिति देखी। दोनों स्थानों पर टीम को न तो खनन करते लोग मिले और न ही खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहन। अधिकारियों ने मौके पर हुए खनन का आकलन किया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। संयुक्त टीम की कार्रवाई की सूचना से खनन से जुड़े लोगों में खलबली मच गई।
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बालू के प्रपत्र नहीं दिखा सका चालक, ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज
अवैध खनन के ठिकानों पर दबिश के लिए जा रही टीम ने पूराकलां मार्ग पर मेहरावन माता मंदिर के पास बालू ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका। अधिकारियों ने चालक से ट्रॉली में भरी बालू से संबंधित प्रपत्र दिखाने को कहा, लेकिन चालक मौके पर कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। इस पर टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कोतवाली में खड़ा करा दिया और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सूचना भेजी।
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खनन माफिया तक पहले पहुंच रही कार्रवाई की सूचना
क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक बार फिर अधिकारियों की टीम को खनन माफिया के नेटवर्क से चुनौती मिलती नजर आई। टीम ने इस बार गुपचुप तरीके से दबिश की रणनीति बनाई थी, लेकिन खांदी और बलरगुवा में उसके पहुंचने से पहले ही खनन से जुड़े लोग और वाहन गायब हो गए। खास बात यह रही कि जिन मार्गों पर दिनभर अवैध खनन में लगे वाहनों के फर्राटा भरने की शिकायतें हैं, वहां कार्रवाई के दौरान एक भी वाहन नजर नहीं आया। इससे अधिकारियों की कार्रवाई की सूचना पहले ही पहुंचने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।