बुधवार को आखिरकार नगर पालिका परिषद ने अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ अभियान छेड़ ही दिया। इस दौरान मुख्य मार्ग पर लगे करीब सौ अवैध होर्डिग्स को हटाया गया। इससे विज्ञापन एजेंसी संचालकों में हड़कंप है।
इस समय करीब आधा दर्जन एजेंसियां होर्डिग्स/बैनर लगाने का काम कर रही हैं। वहीं, नगर पालिका परिषद ने अपने खाली खजाने को भरने के लिए विज्ञापन दरों का पुनर्निर्धारण कर दिया है। इसका बाकायदा गजट भी जारी हो चुका है। पहले पांच रुपये इस्क्वायर फुट के हिसाब से होर्डिग्स का शुल्क लिया जाता है। इसमें अब कई गुना की बढ़ोत्तरी हो गई है। प्रत्येक वार्ड के मार्ग पर होर्डिंग्स के पृथक-पृथक रेट तय किए गए हैं। इससे एजेंसियों को मुनाफे का सौदा अब घाटे का नजर आने लगा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दो महीने पहले नगर पालिका परिषद नये रेट तय कर चुकी है, लेकिन किसी भी एजेंसी ने नई नियमावली को स्वीकार नहीं किया है और वह पुराने रेट पर ही नगर पालिका को भुगतान करने पर अड़ी हैं, जिससे नगर पालिका परिषद की एजेंसियों से दूरियां बढ़ती जा रहीं हैं। बुधवार को इसकी साफ झलक दिखाई दी। बुधवार को कर निर्धारण अधिकारी अनिल कुमार अरुण की अगुवाई में अवैध होर्डिंग्स हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान की शुरुआत पुराने नगर पालिका भवन से हुई जो वर्णी चौराहे तक चला। इस दौरान कलक्ट्रेट चौराहे पर लगे होर्डिग्स भी हटाए गए।
नगर पालिका के इस अभियान में भेदभाव स्पष्ट नजर आया। सत्तारूढ़ दल के होर्डिग्स को छोड़ दिया जबकि कालेज के होर्डिग्स मुख्य निशाने पर रहे। इसकी बानगी तुवन चौराहे पर लगा भाजपा का होर्डिग्स है। अभियान दल के सदस्यों का कहना है कि शहर में करीब एक सैकड़ा होर्डिग्स हटाए गए हैं, जिसमें छोटे होर्डिग्स की संख्या ज्यादा है। इससे पहले नगर पालिका परिषद ने होर्डिग्स हटाने का कार्यक्रम जारी किया था। दस जुलाई को इसकी शुरुआत होनी थी, लेकिन दो दिन बाद इसे आगे बढ़ाया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि मौसम खराब होने की वजह से तय कार्यक्रम के अनुसार प्रारंभ नहीं किया जा सका है। बृहस्पतिवार को मौसम साफ रहा तो इसे घंटाघर से सावरकर चौक, नदीपार होते हुए बाईपास क्रासिंग तक चलाया जाएगा। अभियान में मुख्य खाद्य और सफाई निरीक्षक आरके लवानिया, लिपिक सिकंदर खान, महेंद्र यादव, संजू साथ रहे।
सभी होर्डिग्स हैं अवैध
विज्ञापन की नई नियमावली का गजट जारी हो चुका है, जो एजेंसियां काम कर रही हैं उनसे नये रेट पर शुल्क जमा करने के लिए कहा जा रहा है। इसके बाद भी वह नए रेट देने को तैयार नहीं हैं। बार-बार पुराने रेट पर ही होर्डिग्स का शुल्क जमा करने के लिए कह रही है। दो महीने से यह सब चल रहा है। मजबूरन होर्डिग्स हटाने का अभियान प्रारंभ करना पड़ा।
अनिल कुमार अरूण
कर निर्धारण अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।