ललितपुर। विंध्यगिरि की सुरम्य पर्वतमालाओं एवं धसान नदी के पावन तट पर स्थित श्री 1008 आदिनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी में बुधवार को जैन संतों का समागम हुआ। जैन परंपरा, तपस्या और साधना का अनुपम दृश्य साकार हुआ है।
आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज के शिष्य मुनिश्री समत्वसागर, मुनिश्री शीलसागर, मुनिश्री विभास्वरसागर, मुनिश्री सागर महाराज, मुनिश्री श्रमसागर महाराज एवं मुनिश्री शुद्धोपयोगसागर का अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी में मंगल मिलन हुआ। मुनि संघ के मंगल प्रवेश पर अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी कमेटी के पदाधिकारियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर, पाद प्रक्षालन किया। मीडिया प्रभारी डॉ. सुनील संचय ने बताया कि सुबह नित्य महाभिषेक एवं शांतिधारा के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद, गुरु पूजन संपन्न हुआ तथा आहारचर्या के उपरांत मुनि संघ के मंगल प्रवचन हुए। इस अवसर पर राजीव जैन, प्रदीप जैन, अभिषेक जैन आदि मौजूद रहे। संवाद