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Lalitpur News: फसल के अवशेष जलाने पर लगेगा पांच से तीस हजार रुपये तक जुर्माना

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ललितपुर। कृषि विभाग ने किसानों के लिए फसल अवशेष जलाने के लिए एडवाइजरी के साथ ही चेतावनी भी जारी की है, जिसमें फसल अवशेष के जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेष जलाने पर जमीन के रकबे के हिसाब से पांच हजार से तीस हजार रुपये तक जुर्माना लगाने की चेतावनी भी जारी की है।
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उपकृषि निदेशक यशराज सिंह ने बताया कि किसान खेतों में फसल अवशेष कदापि न जलाएं, बल्कि फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों से प्रबंधन कर फसल अवशेषों को सड़ाकर मृदा स्वास्थ्य संरक्षित करें। फसल अवशेष नहीं जलाने से वातावरण को दूषित होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने फसल अवशेष जलाने से नुकसान के बारे में बताया कि इससे उनके जड़, तना पत्तियों में संचित लाभदायक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। मृदा ताप में बढ़ोतरी होती है, जिससे मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे पादप अवशेष एवं मृदा में उपलब्ध लाभदायक मित्र कीट जलकर मर जाते हैं। इससे वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और खेतों में आग से मित्र कीट भी सब जल जाते हैं। फसल अवशेष जलाने से उत्पन्न गैसों के कारण सामान्य वायु की गुणवत्ता में कमी आती है, जिससे आंखों में जलन, त्वचा रोग व सूक्ष्म कणों के कारण जीर्ण हृदय एवं फेफड़े की बीमारी के रूप में मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। श्वसन तंत्र प्रभावित होने से गंभीर बीमारियां हो सकती है।


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सेटेलाइट से हो रही निगरानी
फसल अवशेष जलाने पर सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। फसल अवशेष जलाने पर सेटेलाइट द्वारा संबंधित खेत का विवरण रिकार्ड कर लिया जाएगा और उन किसानाें पर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। अपील की गई कि किसान फसल अवशेष न जलाएं। अपितु उसे मिट्टी में मिलाकर खाद के रूप में परिवर्तित करें।
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यह है कार्रवाई का प्रावधान
फसल अवशेष जलाने पर दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों से पांच हजार रुपये का जुर्माना, दो से पांच एकड़ भूमि वाले किसानों से दस हजार और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों से तीस हजार रुपये तक का जुर्माना प्रति घटना के हिसाब से वसूलने का प्रावधान है।
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