संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन (ललितपुर)। विकास खंड बिरधा अंतर्गत चढ़रऊ गांव में खेतों में आग लग गई। मड़ाई के लिए रखी कई किसानों की गेहूं की फसल के साथ भूसा जलकर राख हो गया। आग की चपेट में खेतों के पास बने कई मकान भी आ गए, इससे छप्पर जलने के साथ सहित एक किसान की भैंस और गाय जलकर मर गई।
चढ़रऊ गांव के भगवाए मौजे के खेतों में दोपहर 12 बजे अचानक आग लग गई। धुआं देख ग्रामीण खेतों की ओर दौड़े और आग बुझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन हवा चलने से लपटें इतनी तेज हो गईं कि कोई भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। देखते ही देखते आग मकानों तक पहुंच गई। शुकलाल प्रजापति के मकान का छप्पर और उसमें रखा सामान, एक भैंस और गाय भी जल गई। मकान के पास खड़ी बाइक भी चपेट में आ गई।
ग्रामीणों ने बताया कि चंचल पटेल, पालू पटेल, कुनौतिया, मनोहर दुबे, घसीटा कुशवाहा और पवन पटेल, इंदर पटेल ने मड़ाई कराने के लिए गेहूं की फसल इकट्ठा कर रखी थी, जिसमें आग लग गई। वहीं, पुत्तन कुशवाहा के मकान में आग लगने से छप्पर के साथ उसमें रखा गेहूं सहित अन्य सामान जल गया।
आग इतनी भयावह थी कि यह भगवाए से होते हुए कारीसा और छिल्ला गांव के खेतों तक पहुंच गई। ग्रामीणों का कहना है कि तुरंत सूचना के बाद भी फायर ब्रिगेड कर्मी दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे। देर शाम तक आग पर काबू पाया जा सका। अनुमान के मुताबिक करीब 60 एकड़ खेत में तैयार गेहूं की फसल के अलावा सैकड़ों एकड़ पराली जल गई।
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फसल के अवशेष कर रहे पेट्रोल का काम
ज्यादातर किसान खेतों में खड़ी गेहूं की फसल कंबाइन से कटा रहे हैं, इससे खेतों में अवशेष छूट जाता है। इसमें एक चिंगारी लगते ही यह पेट्रोल की तरह काम करती है और आग काफी तेजी से आगे बढ़ती है।